दिल्ली
महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस सांसद का बड़ा बयान : अखिलेश प्रसाद सिंह
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नई दिल्ली.
केंद्र सरकार महिला आरक्षण विधेयक को लागू कराने की तैयारी में है. जिसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है. विपक्ष के कई नेताओं ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करने की बात कही है. वहीं विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधना भी शुरू कर दिया है.
इस बीच कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल जल्द से जल्द पास हो. यह कांग्रेस की पहल थी. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने जिला पंचायतों, ग्राम पंचायतों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने का काम किया था.
लोकसभा और विधानसभा में भी पास हो
कांग्रेस सांसद ने कहा कि पार्टी चाहती थी कि यह बिल लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 3 प्रतिशत आरक्षण मिले. उन्होंने कहा कि यह कोई मुद्दा नहीं है. यह कांग्रेस की पहल रही है. लेकिन जिस तरह से परिसीमन हो रहा है उसका निश्चित रूप से विरोध होगा.
महिला आरक्षण बिल में संशोधन को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महिला आरक्षण अधिनियम को समय से पहले लागू करने के लिए एक मसौदा संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी, जिससे यह अधिनियम 2029 के आम चुनावों से प्रभावी हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया.
प्रस्तावित संशोधन नारी शक्ति वंदन अधिनियम के मौजूदा ढांचे में बदलाव करना चाहता है, जिसे औपचारिक रूप से संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम के रूप में जाना जाता है और जो 2023 में लागू हुआ था. महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद का विशेष सत्र गुरुवार (16 अप्रैल) से शुरू होने वाला है.
इमरान मसूद ने दी प्रतिक्रिया
बिल को लेकर विपक्ष की ओर से प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है. वहीं सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि महिला आरक्षण बिल पर सभी दलों के सहयोग की जरूरत है. सांसद ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि इस सरकार की आदत है कि वे हर चीज को एक ‘इवेंट’ बना देती है.
यह बिल सबसे पहले सोनिया गांधी ने पेश किया था. महिलाओं के लिए आरक्षण की पहल सोनिया गांधी के प्रयासों से ही शुरू हुई थी. अब भाजपा को यह नहीं कहना चाहिए कि यह उपलब्धि सिर्फ उन्होंने हासिल की है. इसमें सभी के सहयोग की जरूरत है.





