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थानों में CCTV नियमों के उल्लंघन पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब

📅 25 March 2026, 10:35 PM ✍️ paliwalwani ⏱️ 3 मिनट में पढ़ें
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थानों में CCTV नियमों के उल्लंघन पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब
थानों में CCTV नियमों के उल्लंघन पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब

दिल्ली.

दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस थानों और जांच यूनिट्स में CCTV कैमरों की अनिवार्य व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन न होने के आरोप पर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस शैल जैन की खंडपीठ ने नोटिस जारी करते हुए संबंधित पक्षों को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी।

मामला याचिका में आरोप लगाया गया कि गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ के दौरान CCTV कैमरों की व्यवस्था नहीं थी, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे अनिवार्य किया है। याचिकाकर्ता ने कहा कि उनके मामले में इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया जिससे उनकी गिरफ्तारी और पूछताछ की वैधता पर सवाल उठता है।

याचिका में परमवीर सिंह सैनी बनाम बलजीत सिंह मामला का हवाला देते हुए कहा गया कि पुलिस थानों में एक्टिव CCTV कैमरे होना और उनकी निगरानी अनिवार्य है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस तरह की लापरवाही संविधान के अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 22 के तहत मिले जीवन, स्वतंत्रता और गिरफ्तारी से जुड़े अधिकारों का उल्लंघन है। याचिका में यह भी आरोप है कि संबंधित पुलिस इकाई में उस समय कोई एक्टिव CCTV कैमरा नहीं था और गिरफ्तारी व पूछताछ की जानकारी जिला स्तरीय निगरानी समिति को भी नहीं दी गई।

याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की कि उनकी गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ को अवैध घोषित किया जाए। साथ ही अदालत से यह भी आग्रह किया गया कि CCTV व्यवस्था के पालन से जुड़े रिकॉर्ड पेश किए जाएं या फिर स्वतंत्र जांच कराई जाए। इसके अलावा, सभी पुलिस यूनिट्स में CCTV व्यवस्था को सख्ती से लागू करने और झूठे हलफनामे देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई।

हाईकोर्ट के इस नोटिस के बाद अब सरकार और संबंधित एजेंसियों को अपने जवाब में यह स्पष्ट करना होगा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन किस हद तक किया जा रहा है।

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