Saturday, 24 January 2026

भोपाल

भावांतर योजना के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन 10 अक्टूबर से

paliwalwani
भावांतर योजना के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन 10 अक्टूबर से
भावांतर योजना के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन 10 अक्टूबर से

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना की तैयारी की और जिला अधिकारियों को किसानों को उनका सही मूल्य दिलाने के निर्देश दिए. योजना के तहत MSP और मंडी मॉडल भाव के अंतर की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी.

सीएम ने जिला कलेक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को प्रदेश में सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए प्रारंभ की जा रही, भावांतर योजना को लेकर बैठक ली। इसमें सीएम ने जिला कलेक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाना है और इसके प्रचार-प्रसार के लिए सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों को सोशल मीडिया सहित सभी माध्यमों का उपयोग करना चाहिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोयाबीन के लिए निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 5328 रुपये प्रति क्विंटल है. मध्यप्रदेश सरकार इस MSP और मंडी मॉडल भाव/विक्रय मूल्य के बीच के अंतर की राशि किसानों के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह धान और गेहूं उत्पादक किसानों को उनका मूल्य मिला है, उसी तरह सोयाबीन किसानों को भी लाभ सुनिश्चित किया जाएगा.

पंजीयन प्रक्रिया और लाभ की अवधि

भावांतर योजना के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन 10 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 25 अक्टूबर 2025 तक चलेगा. भावांतर की राशि 1 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक प्रदान की जाएगी. पंजीकृत किसानों और उनके रकबे का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा. यदि किसान का उत्पादन एमएसपी से कम मूल्य पर बिकता है, तो राज्य सरकार अंतर की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर करेगी, जिससे किसानों को उनका पूरा हक मिलेगा.

भावांतर योजना की नियमित समीक्षा होगी 

डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिलेवार दायित्व तय करें और किसानों को उनके उत्पादन का सही मूल्य दिलाने के लिए किसी भी स्तर पर गड़बड़ी न होने दें. उन्होंने भावांतर योजना के प्रचार-प्रसार और नियमित समीक्षा पर भी जोर दिया. सभी जनप्रतिनिधियों को योजना की जानकारी जनता तक पहुंचाने और सोशल मीडिया प्लेटफार्म से सहयोग करने के लिए कहा गया.

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