भोपाल
7 सड़कों से सालभर में प्रदेश सरकार ने कर ली 603 करोड़ की 'अवैध टोल वसूली'
paliwalwani
भोपाल.
मध्य प्रदेश अजब है... सबसे गजब है... यहां एक और सरकारी कारनामा अवैध वसूली को लेकर सामने आया है. प्रदेश की करीब 7 सड़कों से 6 माह से लेकर सालभर तक में करीब 603 करोड़ रुपए की अवैध वसूली कर ली गई. इस खबर का खुलासा खुद लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह द्वारा दिए गए लिखित जवाब से हुआ. विधानसभा सदन में कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब से पता चला कि राज्यपाल की अधिसूचना जारी होने से पहले टोल वसूली शुरू कर दी गई थी.
कुछ इस तरह हुई 'अवैध वसूली'...
इंदौर-उज्जैन मार्ग की अधीसूचना वैसे तो 30 दिसम्बर 2022 को जारी हुई, लेकिन यहां से वसूली 21 जनवरी 2022 से ही शुरू कर दी गई थी. इसी तरह भोपाल बायपास की 8 दिसम्बर 2020 को अधिसूचना जारी हुई, जबकि वसूली 12 दिसम्बर 2019 से ही शुरू कर दी गई. वहीं सागर-दमोह मार्ग पर 28 फरवरी 2021 से टोल वसूली शुरू हुई, जबकि इसकी अधिसूचना 8 दिसम्बर 2021 को जारी हुई.
इसी तरह भिंड-गोपालपुरा मार्ग की अधिसूचना भले ही 04 फरवरी 2022 को जारी हुई, लेकिन यहां भी 19 मार्च 2021 से वसूली शुरू कर दी गई. वहीं गुना-ईसागढ़ मार्ग पर भी वसूली 2 जून 2023 से शुरू कर दी गई थी, जबकि इसकी अधिसूचना 10 अक्टूबर 2024 को जारी हुई. वहीं महू-घाटाबिल्लौद मार्ग पर भी 28 फरवरी 2021 से वसूली अभियान शुरू कर दिया गया, जबकि इसको लेकर अधिसूचना 24 दिसम्बर 2021 को जारी की गई. वहीं बीना-खिमलासा मार्ग की भी अधिसूचना तो 08 दिसम्बर 2021 को जारी हुई, लेकिन इसके पहले ही 19 मार्च 2021 से टोल वसूली शुरू कर दी गई.
603.66 करोड़ की कर ली अवैध कमाई
इस खुलासे के बाद कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि सड़क परियोजनाओं में अधिसूचना और टोल वसूली की तारीखों में स्पष्ट अंतर नजर आ रहा, जो कि नियम विरुद्ध होकर कानून का उल्लंघन है. एमपीआरडीसी ने प्रदेश की 7 सड़कों पर इस तरह का 'खेला' कर दिसम्बर 2025 तक 603.66 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया गया. उधर, इस वसूली पर पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह इस वसूली पर जवाब देते हैं कि टोल वसूली का पैसा चूंकि सरकारी खजाने में ही जमा हुआ है, इसलिए इसमें किसी भी तरह के भ्रष्टाचार का मामला नहीं बनता..!





