आमेट

मनीष पालीवाल की हत्या के विरोध में आमेट में रेत माफियाओं के खिलाफ आक्रोश : धरना प्रदर्शन के दौरान टायर जलाकर जमकर विरोध प्रदर्शन

किशन पालीवाल, एम. अजनबी
मनीष पालीवाल की हत्या के विरोध में आमेट में रेत माफियाओं के खिलाफ आक्रोश : धरना प्रदर्शन के दौरान टायर जलाकर जमकर विरोध प्रदर्शन
मनीष पालीवाल की हत्या के विरोध में आमेट में रेत माफियाओं के खिलाफ आक्रोश : धरना प्रदर्शन के दौरान टायर जलाकर जमकर विरोध प्रदर्शन

अस्पताल में पुलिस का भारी जाब्ता तैनात : उच्च अधिकारीयो के समय पर नही पँहुचने से माहौल गर्माया

आमेट (माधव सिंह राजपुत)

थाना क्षेत्र के गांगा गुड़ा गांव के पास चंद्रभागा नदी तट के पास में अपने खेत में अवैध रूप से रेत खनन करने वाले खनन माफियाओं को टोकने पर माफियाओं द्वारा आमेट निवासी पालीवाल ब्राह्मण समाज आमेट के युवा श्री मनीष पिता नंदलाल पालीवाल पर ट्रैक्टर चढ़ाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया, गंभीर हालात को देखते हुए रेफर किया गया. किंतु बीच रास्ते में उसकी मौत हो गई.

अवैध रेत खनन करने वाले लोगों से कहासुनी

पालीवाल वाणी को मिली जानकारी के अनुसार आमेट थाना क्षेत्र के गंगागुडां गांव के पास चंद्रभागा नदी तट के निकट सोमवार को श्री मनीष पालीवाल पिता नंदलाल पालीवाल (उम्र 28 वर्ष) निवासी भेरु बावड़ी अखाड़ा आमेट, जिला राजसमंद, राजस्थान के पास रहने वाले युवक जो अपने खेत के पास बने पशुओं को बांधने के बीडे से जब पशुओ को पानी पिलाने हेतु रात्रि में अपने भाई कपिल पालीवाल के साथ मे गया. वही पर खेत के पास अवैध रेत खनन करने वाले लोगों से कहासुनी हो गई तथा मनीष पालीवाल द्वारा अपने खेत से अवैध खनन करने वाले लोगों को इस बाबत रोका गया. जिस पर आक्रोशीत होकर खनन माफियाओं ने मनीष पालीवाल के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया. जिसकी वजह से मनीष पालीवाल गंभीर रूप से घायल हो गया. वहीं छोटे भाई कपिल पालीवाल ने भागकर अपनी जान बचाई.

छोटे भाई ने अपने परिजनों को सूचित किया

इस बाबत छोटे भाई ने अपने परिजनों को सूचित किया, परिजनों द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर घायल मनीष पालीवाल को आमेट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाया गया. जहां पर गंभीर अवस्था को देखते हुए मनीष पालीवाल को जिला अस्पताल में रेफर किया गया. किन्तु बीच राह में ही मनीष की मौत हो गई. 

मनीष पालीवाल की इस तरह से हत्या करने के समाचार पूरे नगर में आग की तरफ फैल गया. बजरी माफिया द्वारा मेवाड़ क्षेत्र में यह पहली घटना है. इससे पूर्व समय-समय पर समाचार पत्रों में इन बजरी माफियाओं के खिलाफ कई बार ग्रामीणों के द्वारा लिखित में शिकायत के बावजूद भी कलेक्टर, पुलिस प्रशासन तथा खनन विभाग के उच्च अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने की वजह से बजरी माफियाओं का आतंक दिनों दिन बढ़ता गया तथा इसी के चलते सोमवार रात्रि को हत्या के रूप में घटनाक्रम हो गया. 

हत्या के विरोध में अपने सभी तरह के व्यवसाय बंद 

सोमवार रात्रि को 9 : 00 बजे हुई इस घटनाक्रम से पूरे नगर और खास करके पालीवाल समाज में जमकर आक्रोश छा गया. आक्रोश के रूप में नगर में तनाव का माहौल देखा गया. वहीं मंगलवार को पालीवाल समाज आमेट व नगरवासियों द्वारा इस हत्या के विरोध में अपने सभी तरह के व्यवसाय बंद करते हुए खनन विभाग तथा पुलिस विभाग के खिलाफ कड़ी आपत्ति दर्ज करवाते हुए उच्च अधिकारियों से इन खनन माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. वही आक्रोशित लोगों द्वारा नगर के मुख्य चौराहे पर धरना प्रदर्शन देते हुए टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन कर मुख्य मार्गों को बंद किया गया.

मौके पर पहुंचे : उप जिला कलेक्टर रामचरण शर्मा, पुलिस उप अधीक्षक शिव लाल बेरवा, उपखंड अधिकारी रक्षा पारीक, डीवाईएसपी नरेश शर्मा, सीआई हनुमंत सिंह, डीपी दाधीच, तहसीलदार देवालाल, थाना अधिकारी देवेंद्र सिंह बुधाराम बिश्नोई, भवानी शंकर, प्रकाश सिंह, मूलाराम, विशाल कुमार, खनिज विभाग के आशिफ अंसारी, तहसीलदार देवालाल, सीताराम, आरई जोरावर सिंह, पटवारी दुर्गा सिंह चारण सहित पुलिस अधिकारी आमेट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे. किंतु परिजनों तथा समाज जनों की ने मांग की. 

 

 पुलिस प्रशासन तथा आम नागरिकों के बीच में झड़प

जब तक जिला कलेक्टर व एसपी मौके पर नहीं पहुंचते तब तक लाश का पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा. किंतु 5 घंटे बाद भी एसपी कलेक्टर मौके पर नहीं पहुंचने पर लोग आक्रोशित हो गए तथा तनाव बढ़ते देखकर मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों से इस बाबत जानकारी दी. जिस पर जिला कलेक्टर व एसपी आमेट उपखंड अधिकारी भागते हुए कार्यालय पहुंचे. जहां पर पुलिस प्रशासन तथा आम नागरिकों के बीच में झड़प हो गई. परिवार जनों के द्वारा दी गई नामजद रिपोर्ट के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए इस हत्या के मुख्य आरोपी गंगा गुड़ा निवासी मोती सिंह रावत को गिरफ्तार कर लिया गया. वही अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस विभाग द्वारा अनेक जगह पर दबिश दी गई तथा जल्दी गिरफ्तार करने की बात कही गई साथ ही अन्य 4 लोगो को भी डिटेन किया गया.

परिवार द्वारा निम्न मांगों की मांग की गई

श्री मनीष पालीवाल के परिवार को 50 लाख रूपये का मुआवजा, मृतक की पत्नी श्रीमती अंजली पालीवाल को सरकारी नौकरी, अवैध रेती खनन करने वाले ट्रेक्टर मालिक, डाईवर, लेबर आदि को सूचीबद्ध कर पाबंद किया जायें. दर्ज प्रकरण में दोषी आरोपीयों के विरूद्ध सही अनुसंधान कर कानून के तहत कार्यवाही, दोषी व्यक्ति के घरो पर बुल्डोजर चलाया जायें, गंगागुडा के ग्रामीणों का पूरे गांव का आतंक हैं. सभी के खेतो का मौका मुआयना किया जायें तथा नदी के आस पास खेत मालिको के साथ न्याय, पुलिस थाना व माईनिंग विभाग से मिली भगत से पुरे स्टाफ को तुरंत हटाया जाये. गांगागुडा बीट कास्ट्रेबल को निलंबित किया जावें वही खनिज विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर गांगागुडा पर छापा मारकर अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. 2012 में भी श्रीमती सुंदर बाई पत्नी राजाराम पालीवाल को रेत माफीया द्वारा निर्मम हत्या कर दी थी. उस घटना का भी संज्ञान लिया जावें. लिप्त दोषी व्यक्तियों को तुरंत पकड़कर उनके कृत्य की कड़ी से कड़ी सजा दिलवायी जायें.

इन मांगों पर बनी सहमति

जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना, एसपी सुधीर जोशी, नगर पालिका चेयरमैन कैलाश मेवाड़ा, जिला प्रमुख प्रतिनिधि माधव लाल चौधरी, सरपंच गंगा सिंह, शिव चरण सिंह, सुनील गांधी, मृतक के परिजन गणेश पालीवाल, भाई हेमंत पालीवाल, कपिल पालीवाल, राजेश पालीवाल, यशवंत पालीवाल, अरुण मिश्रा, बंशीलाल पालीवाल, जगदीश पालीवाल, ललित पालीवाल आदि के साथ उपखंड कार्यालय में वार्ता करने के बाद जिला प्रशासन द्वारा मृतक के परिवार को 8 लाख रुपए की आर्थिक सहायता, मृतक की पत्नी अजंलि पालीवाल को नगर पालिका क्षेत्र या पंचायत समिति क्षेत्र में संविदा पर नौकरी देने. परिवार को बीपीएल श्रेणी में जोड़ते हुए सरकारी योजनाओं में मिलने वाले समस्त लाभ दिलवाया जाएगा. बालिग होने तक मृतक के पुत्र को सरकार द्वारा मिलने वाली सहायता दी जाएगी वही रेत माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए स्पेशल पुलिस फोर्स लगाकर कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन द्वारा मांगे मानने के बाद मृतक का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया. 

मृतक की शवयात्रा में बड़ी संख्या में पालीवाल समाज के विभिन्न गांवों के वरिष्ठ पदाधिकारीगण, समाजसेवी, मातृशक्ति सहित समूचा आमेट नगरवासी तथा आसपास के ग्रामीणों ने भाग लेकर अपना गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए विन्रम श्रद्वाजंलि अर्पित की.

युवा ब्रह्मशक्ति द्वारा उग्र प्रदर्शन 

पालीवाल समाज के युवा भाई श्री मनीष पालीवाल पिता नंदलाल पालीवाल-आमेट की ट्रेक्टर ट्रॉली से कुचलकर निर्मम हत्या रेती माफियाओं द्वारा की गई हैं. भाई को न्याय दिलवाने के लिए आज ब्रह्मशक्ति संगठन के हजारों कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया व मृतक के परिवार को मुआवजा दिलवाने की मांग की गई. 

ब्रह्मशक्ति के कार्यकताओं में भयंकर गुस्सा आक्रोश हैं. दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा व मृतक के परिवार को न्याय हर परिस्थिति में मिलना चाहिए.  संगठन द्वारा यह मांग पुरजोर रखी गई हैं. संगठन खुशी में शामिल नही भी हो पाए किंतु हमेशा दुख में शामिल होने के लिए पूरी तरह से संकल्पित हैं. आप सभी हजारों कार्यकर्ताओं की भावना आज जो नजर आई हैं. यह समर्पण का ही एक उदाहरण हैं और अब संगठन ने मांग की गई, दोषियों के विरूद्व कठोर कार्यवाही नहीं होगी तो पुन : संगठन मैदान में उतरकर भाई मनीष पालीवाल को न्याय जरूर मिलेगा.

पालीवाल वाणी ब्यूरों : किशन पालीवाल, एम. अजनबी...✍️

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