Saturday, 18 April 2026

आमेट

Amet News : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिला आमेट द्वारा ‘प्रमुख जन गोष्ठी’

M. Ajnabee, Kishan paliwal
Amet News : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिला आमेट द्वारा ‘प्रमुख जन गोष्ठी’
Amet News : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिला आमेट द्वारा ‘प्रमुख जन गोष्ठी’

धर्म जीवन जीने की कला है, संगठित और संयमित समाज ही राष्ट्र को परम वैभव पर ले जा सकता है...

आमेट. 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिला आमेट द्वारा संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में महाराणा प्रताप सभागार में ‘प्रमुख जन गोष्ठी’ का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नरेंद्र कुमार प्रांत सह सेवा प्रमुख ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक जड़ें एक हैं। उपासना पद्धति अलग अलग हो सकती है,पर धर्म केवल सनातन है।

धर्म जीवन जीने की कला है। सनातन धर्म के नाते अपने लोगों ने मानव धर्म के पालन का बीड़ा उठाया वो भी न केवल अपने लिए,बल्कि पूरे विश्व की मानवता को प्रकाश देने के लिए। सृष्टि की रक्षा करते हुए, नियम का पालन करते हुए, परस्पर प्रेम और आत्मीयता से अपने समाज के लोगों ने अद्भुत कार्य किए हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

हिन्दू धर्म क्या है तो हमारे पूर्वजों ने कहा कि हिन्दू धर्म मानव धर्म है। हमारे धर्म का दुनिया में किसी भी देश के लोग पालन कर सकते हैं, जिसका उदाहरण 21 जून को मनाए जाने वाले योग दिवस के रूप में देख सकते हैं। हमारे देश का अतीत बहुत ही गौरवशाली रहा है। हमारे पूर्वजों के सैकड़ों वर्षों तक आक्रांताओं के खिलाफ संघर्ष किया है। एक गीत है - "चंदन है इस देश की माटी, तपो भूमि हर ग्राम है, हर बाला देवी की प्रतिमा बच्चा-बच्चा राम है"।

उन्होंने कहा कि भारत की विभूतियों ने,भारत के साधकों ने कभी दुनिया का शोषण नहीं किया। हमें अपने समाज को विश्व मित्र समाज बनाना है, भारत को विश्व गुरु बनाना है। पर इसके लिए हमें अपने घर, आस -पास, अपने समाज को ठीक रखना होगा। अगर हम ठीक से खड़े नहीं होंगे तो दूसरे को कैसे ठीक से खड़ा करेंगे। 

उन्होंने कहा कि आज दुनिया संकटों, चुनौतियों से घिरी हुई है। वो संकट है पर्यावरण का संकट, जल का संकट, युद्ध का संकट। ऐसे में हिन्दू समाज को क्या करना है, तो हमें धर्म का रक्षक बन कर खड़ा होना है और इस संकट का हल ढूंढना होगा। समाज को जागृत कर खड़ा करना होगा। संगठित और संयमित समाज ही राष्ट्र को परम वैभव पर ले जा सकता है। यह तभी सम्भव है जब व्यक्ति का चरित्र उत्तम हो और यही कार्य संघ की शाखा में किया जा रहा है। व्यक्तिगत चरित्र से राष्ट्रीय चरित्र निर्माण का लक्ष्य लेकर ही संघ और शाखा की संकल्पना की गई।

उन्होंने कहा कि आज अपने बच्चों को जीवन मूल्य सिखाने की आवश्यकता है। बच्चों को अध्यात्म,साहित्य,संस्कृति,धर्म से जोड़ने की जरूरत है। बच्चों को कहानियों,व्यवहार, आचरण,शिक्षा से एक श्रेष्ठ नागरिक बनाने का कार्य करना है। संघ समाज में पंच परिवर्तन के विषय - सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्यबोध, पर्यावरण, स्वदेशी और कुटुंब प्रबोधन को लेकर जा रहा है, इसे अपने जीवन में उतारना है।

इस दृष्टि से अपने जीवन को सार्थक और सफल बनाने के लिए हमें संकल्प करना होगा। मंच पर संघचालक महेन्द्र कुमार हिरण भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वयंसेवक, प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ता,शिक्षाविद,विभिन्न व्यवसायों से जुड़े लोग तथा समाज के विविध वर्गों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत आमंत्रित अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। तत्पश्चात मंचासीन अतिथियों ने भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मंचासीन अतिथियों का औपचारिक परिचय एवं स्वागत किया गया।

M. Ajnabee, Kishan paliwal

whatsapp share facebook share twitter share telegram share linkedin share
Related News
Latest News
Trending News