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कब होगा परिवर्तन : अन्नू राठौड़ "रुद्रांजली"

📅 01 June 2026, 10:51 PM • ✍️ paliwalwani • ⏱️ 4 मिनट में पढ़ें
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कब होगा परिवर्तन : अन्नू राठौड़ "रुद्रांजली"
कब होगा परिवर्तन : अन्नू राठौड़ "रुद्रांजली"

नव रीति प्रचलित हुई पाणी ग्रहण के नाम,

पहले पूछते गोत्र योग्यता फिर दहेज का दाम, 

बेटी के बाबुल से पूछे कितना दम है भाई ,

वरना दहलीज से उठे हम रखो बेटी बिन ब्याही,

जन्म हुआ तो कहते हैं लक्ष्मी है घर आई, अधिकारों की बात हो तो कहते बेटी तो होती पराई।

गाय बचे तो पुण्य मिले बेटी जले तो उसका भाग्य,

बोलो कैसा दोहरा धर्म है , आखिर कैसा यह समाज।

किसी ने घुट घुट कर खुद को फंदे पर लटकाया,

लालची हाथ से यह गला घोटते ,कैसा जोड़ा है बनाया।

किसी को मारा पीटा तुमने, फिर छत से है फेंक गिराया।

लालच की आग में तुमने आज, फिर किसी को जिंदा जलाया।

अरे...! क्यों चौंकते हैं सुनकर आप बात नहीं यह सदियों पुरानी ,

पिछले महीने की घटनाएं सारी ,क्या ट्विशा ,दीपिका अनू, पलक या रानी ।

अरे बेटी होना जैसे पाप हुआ, और विवाह कोई अभिशाप ।

 पढ़ाओ, लिखाओ ,बचाओ और ब्याहो फिर अंत में करो विलाप।

स्वयं को पुरुष कहते सीना चौड़ा कर दंभ दिखाएं,

 किंतु उनके पुरुष तो दहेज में ही बिक जाए ।

गाड़ी मांगे ,पैसा मांगे ,जो लड़के बिकते हैं फिक्स्ड रेट।

क्यों ब्याहा तुमने उससे क्यों चढ़ाई मेरी भेंट।

जिन हाथों से नोट गिने, उसी से भरते हो मांग। 

कहा मानवता बची है तुम में ,तुमने लालच की दी हर सीमा लांघ।

जिसकी बेटी ही नहीं, घर की रौनक तक तुम ले आते हो ।

आखिर उस पिता को किस मुंह से फरमान इतने सुनते हो।

मां बाबा बिटिया जलेगी आपके द्वार ,भाई देगा कंधा भरसक,

जिस समाज की दुहाई देते थे आप ,देखिए आज वह खड़ा है बनकर मुख दर्शक।

बिन ब्याही और तलाकशुदा खुश बेटियां जिनसे देखी नहीं जाती,

देखिए ना कहां गए वो चार लोग ,देखिए ना कहां गए वो आलोचक।

मां बाबा इतना ना बेटियों को करो पराई ,की वापसी हो जाए उनकी मुश्किल।

सुनो समझो उनके दर्द को ऐसे ना छोड़ो मरने को तिल तिल।

बस बहुत हुआ यह मौन बहुत हुआ अत्याचार,

ना मरेगी ट्विशा कोई ना दीपिका इस बार।

जब दहेज लेना- देना दोनों जुर्म है।

जो मांगे वह जेल चले, जो दे वो भी गुनहगार। 

सुन लो बेटियों के बाबुल सुन लो बेटों के पिता आज, 

दहेज मुक्त विवाह से ही सुधरेगा परिवार और समाज।

कफन में लिपटी बिटिया पूछे ,करती है आप सबसे निवेदन।

न्याय मिलेगा हमें कब आखिर कब होगा यह परिवर्तन? 

  • अन्नू राठौड़ "रुद्रांजली"

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