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अभिषेक वशिष्ठ की प्रेरक कहानी : कभी 1 नंबर से टूटा सपना, फिर UPSC में हासिल की AIR 14! सरकारी स्कूल से IAS तक का सफर

📅 25 October 2026, 02:09 PM • ✍️ paliwalwani • ⏱️ 8 मिनट में पढ़ें
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अभिषेक वशिष्ठ की प्रेरक कहानी : कभी 1 नंबर से टूटा सपना, फिर UPSC में हासिल की AIR 14! सरकारी स्कूल से IAS तक का सफर
अभिषेक वशिष्ठ की प्रेरक कहानी : कभी 1 नंबर से टूटा सपना, फिर UPSC में हासिल की AIR 14! सरकारी स्कूल से IAS तक का सफर

दिल्ली. कभी 2.67 नंबर से हार गए, कभी सिर्फ 1 नंबर से सपना टूट गया। लेकिन हार मानना उन्हें मंजूर नहीं था। 8 साल का संघर्ष, 6 प्रयास और आखिरकार UPSC में ऑल इंडिया रैंक 14!

यह कहानी है दिल्ली के सरकारी स्कूल में पढ़े अभिषेक वशिष्ठ की, जिन्होंने साबित कर दिया कि जिंदगी में हार कितनी बार मिली, यह मायने नहीं रखता। मायने यह रखता है कि आप कितनी बार फिर से उठकर खड़े हुए।

अभिषेक का जन्म और पालन-पोषण दिल्ली में एक साधारण परिवार में हुआ। शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में B.Tech किया।

इंजीनियरिंग पूरी होने पर एक मल्टीनेशनल कंपनी से नौकरी का ऑफर भी मिला। एक अच्छी नौकरी और सुरक्षित भविष्य का रास्ता उनके सामने था। लेकिन अभिषेक के सपने कुछ और थे। वह सिर्फ अपना करियर नहीं बनाना चाहते थे। वह समाज के लिए कुछ करना चाहते थे, लोगों की जिंदगी में बदलाव लाना चाहते थे। इसी सोच के साथ उन्होंने नौकरी का ऑफर छोड़कर UPSC की तैयारी शुरू कर दी।

2018: जब सपना सिर्फ 2.67 नंबर से दूर रह गया

2017 में इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद अभिषेक ने तैयारी शुरू की। 2018 में पहली बार UPSC की परीक्षा दी, लेकिन प्रारंभिक परीक्षा में महज 2.67 अंकों से चूक गए। एक साल की मेहनत और नतीजा इतना करीब आकर हाथ से निकल जाना, किसी भी उम्मीदवार का हौसला तोड़ सकता था। लेकिन अभिषेक ने हार नहीं मानी।

2019: इस बार सिर्फ 1 नंबर ने रास्ता रोक दिया!

अगले साल उन्होंने फिर परीक्षा दी। इस बार प्रारंभिक परीक्षा पास कर ली, लेकिन मुख्य परीक्षा में किस्मत ने फिर परीक्षा ली।

कटऑफ 751 अंक था और अभिषेक को मिले 750 अंक।

सिर्फ 1 नंबर!

सोचिए, महीनों की पढ़ाई, अनगिनत घंटे की मेहनत और मंजिल से महज 1 अंक की दूरी!

लेकिन अभिषेक ने इस असफलता को अपनी कहानी का अंत नहीं बनने दिया।

2020: पहली बड़ी जीत, IRS में चयन

लगातार 2 असफलताओं के बाद 2020 में आखिरकार मेहनत रंग लाई। अभिषेक ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की और भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में उनका चयन हुआ।

जिस परीक्षा में कभी 1 नंबर ने रास्ता रोक दिया था, उसी परीक्षा में उन्होंने सफलता हासिल कर ली थी।

कई लोगों के लिए यह मंजिल होती, लेकिन अभिषेक का सपना अभी पूरा नहीं हुआ था।

2022: IRS के बाद IPS, लेकिन सफर जारी रहा

अभिषेक ने तैयारी जारी रखी और 2022 की UPSC परीक्षा में एक बार फिर सफलता हासिल की। इस बार उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हुआ। पहले IRS और अब IPS! यह अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि थी। लेकिन उनके मन में IAS बनने का सपना अब भी जिंदा था। 2023 में उन्होंने परीक्षा नहीं दी। फिर आया 2024, जब उनके सामने अपना छठा और अंतिम प्रयास था।

2024: आखिरी मौका और पूरे भारत में 14वीं रैंक!

8 साल की तैयारी, शुरुआती असफलताएं, लगातार मेहनत और परिवार का भरोसा। इन सबके बीच अभिषेक ने अपना अंतिम प्रयास दिया। और इस बार जो नतीजा आया, उसने उनके पूरे संघर्ष को एक नई पहचान दे दी।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 14!

जिस अभिषेक को कभी प्रारंभिक परीक्षा में 2.67 नंबर और मुख्य परीक्षा में सिर्फ 1 नंबर ने रोक दिया था, वही अभिषेक अब देश के शीर्ष सफल उम्मीदवारों में शामिल थे। उनका IAS बनने का सपना आखिरकार पूरा हो गया।

इस सफर में परिवार बना सबसे बड़ी ताकत

अभिषेक अपनी सफलता का श्रेय सिर्फ अपनी मेहनत को नहीं देते। उनके मुताबिक, परिवार और दोस्तों ने मुश्किल दौर में उनका साथ नहीं छोड़ा। जब लगातार प्रयासों के बाद भी सफलता अनिश्चित थी, तब परिवार का भरोसा, धैर्य और उनके छोटे-छोटे त्याग उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देते रहे। यही वजह है कि अभिषेक अपनी उपलब्धियों की जड़ों में परिवार से मिले संस्कार और समर्थन को देखते हैं।

UPSC की तैयारी करने वालों को अभिषेक की सलाह

अभिषेक का मानना है कि UPSC की तैयारी में किताबों का ढेर लगाने से ज्यादा जरूरी है सही दिशा में लगातार मेहनत करना। वह कहते हैं कि पहले परीक्षा का सिलेबस समझिए, पुराने प्रश्नपत्र देखिए और NCERT से अपनी बुनियाद मजबूत कीजिए। उनकी सबसे महत्वपूर्ण सलाह है:

“10 किताबें एक बार पढ़ने से बेहतर है, एक किताब 10 बार पढ़ना।”

इसके साथ नियमित अखबार पढ़ना, उत्तर लेखन का अभ्यास और निरंतरता भी बेहद जरूरी है।

यह कहानी सिर्फ IAS बनने की नहीं, हार न मानने की है!

अभिषेक वशिष्ठ की सफलता हमें एक बहुत बड़ी सीख देती है। कभी-कभी जिंदगी हमें मंजिल के बेहद करीब लाकर रोक देती है। कभी 2.67 नंबर से, तो कभी सिर्फ 1 नंबर से। लेकिन हर असफलता यह तय नहीं करती कि आप आगे कहां तक पहुंचेंगे। दिल्ली के सरकारी स्कूल से निकले अभिषेक ने पहले IRS, फिर IPS और आखिरकार IAS बनकर दिखाया।

IAS में चयन होने पर अभिषेक वशिष्ठ जी को हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ

आपकी यह शानदार उपलब्धि पूरे समाज के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है, पालीवाल वाणी मीडिया समूह आपके उज्ज्वल भविष्य एवं सफल कार्यकाल की मंगलकामना करते हैं...

उन्होंने साबित कर दिया कि जो हार नहीं मानता, उसे जीतना ही पड़ता है!

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