एपस्टीन के साथ हरदीप पुरी की तस्वीरें वायरल : कांग्रेस ने पूछा- प्रतिनिधिमंडल के बाकी सदस्य कहां हैं...!
नई दिल्ली. अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की तस्वीरें सामने आने के बाद भारतीय राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने पुरी के पुराने बयानों को लेकर सवाल उठाए हैं। विवाद का केंद्र यह है कि पुरी पहले एपस्टीन से तीन-चार बार प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलने की बात कह चुके हैं, जबकि अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों में सामने आई तस्वीर में दोनों आमने-सामने बैठे दिखाई दे रहे हैं।
तस्वीरों को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सवाल किया कि जब पुरी का कहना था कि वह एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों का क्या अर्थ निकाला जाए? तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने भी पूछा कि यदि मुलाकातें प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई थीं, तो तस्वीरों में प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य कहां हैं?
राहुल गांधी ने ब्लैकमेलिंग को लेकर उठाया सवाल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस विवाद को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मुंबई यात्रा से जोड़ते हुए भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि रुबियो मुंबई पहुंचे हैं और अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन तथा पुरी की तस्वीर जारी की है। इसके बाद उन्होंने भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ताओं से सवाल किया कि उनके हिसाब से किस देशविरोधी गद्दार को ब्लैकमेल किया जा रहा है।
राहुल गांधी की टिप्पणी ने मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है। हालांकि, ब्लैकमेलिंग के उनके संकेत के समर्थन में कोई सार्वजनिक प्रमाण सामने नहीं आया है। इसलिए इस टिप्पणी को विपक्ष का राजनीतिक आरोप ही माना जाना चाहिए, किसी स्थापित तथ्य के रूप में नहीं।
अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों में क्या है?
एपस्टीन से जुड़ी तस्वीरें अमेरिकी न्याय विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध दस्तावेजों के नौवें सेट से संबंधित बताई गई हैं। संबंधित पीडीएफ में तस्वीरें देखी जा सकती हैं। इन तस्वीरों के मंगलवार, 21 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा में आने के बाद विवाद तेज हुआ।
यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। तस्वीर में दो लोगों का साथ दिखाई देना मुलाकात का दृश्य प्रमाण हो सकता है, लेकिन इससे अपने आप यह साबित नहीं होता कि मुलाकात किस उद्देश्य से हुई, वहां बातचीत किन विषयों पर हुई या किसी आपराधिक गतिविधि में कोई व्यक्ति शामिल था। इन सवालों के जवाब के लिए तस्वीर के साथ संबंधित ईमेल, मुलाकातों का संदर्भ और संबंधित व्यक्तियों के स्पष्टीकरण को भी देखना होगा।
एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में पुरी और एपस्टीन के बीच संपर्क का उल्लेख पहले भी सामने आ चुका है। सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, ईमेल में 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 को न्यूयॉर्क में एपस्टीन के घर मुलाकातों का जिक्र है।
विवाद इसलिए भी गंभीर है क्योंकि एपस्टीन को 2008 में यौन अपराध से जुड़े मामले में दोषी ठहराया जा चुका था। ऐसे में विपक्ष का सवाल है कि उसके आपराधिक अतीत की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद भी उससे संपर्क क्यों रखा गया और उन मुलाकातों की वास्तविक प्रकृति क्या थी?
सरी ओर, किसी व्यक्ति का एपस्टीन से मिलना या उसके साथ ईमेल संवाद होना अपने आप में उसके अपराधों में शामिल होने का प्रमाण नहीं है। दोनों बातों को अलग-अलग रखकर ही मामले का आकलन किया जाना चाहिए।
हरदीप पुरी की सफाई क्या है?
हरदीप सिंह पुरी ने पहले कहा था कि एपस्टीन से उनकी तीन-चार मुलाकातें पेशेवर गतिविधियों के सिलसिले में हुई थीं। उनके मुताबिक, इन संपर्कों का संबंध इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट और बहुपक्षीय सहयोग से जुड़े काम से था। पुरी ने एपस्टीन के आपराधिक कृत्यों से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है।
पुरी ने यह भी कहा था कि एपस्टीन से जुड़ी लाखों पन्नों की सामग्री में उनके नाम का उल्लेख कुछ ईमेल तक सीमित है। उन्होंने राहुल गांधी पर दस्तावेजों को सही संदर्भ में समझे बिना आरोप लगाने का आरोप भी लगाया था।

पालीवाल वाणी WhatsApp चैनल से जुड़ें
ताज़ा ब्रेकिंग न्यूज़ और समाज के सभी समाचार सबसे पहले अपने फोन पर पाएं।
संबंधित खबरें
सभी देखें →
एपस्टीन के साथ हरदीप पुरी की तस्वीरें वायरल : कांग्रेस ने पूछा- प्रतिनिधिमंडल के बाकी सदस्य कहां हैं...!
IDBI बैंक के कर्मचारियों ने किया भूख हड़ताल का ऐलान : देशभर की ब्रांचों में दो दिन की हड़ताल का नोटिस दिया
कच्चे माल और प्रमुख जिंस कीमतों में बढ़ोतरी से एफएमसीजी के परिचालन मार्जिन पर सितंबर तिमाही में दबाव पड़ने की आशंका
पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की प्रेस संगठनों ने की निंदा : दिल्ली में प्रदर्शन कवर कर रहे, पत्रकारों के फोन तथा उपकरण जब्त