उत्तर प्रदेश
ग़ाज़ियाबाद की गूंज : समाज की चुप्पी और महिला सम्मान पर सवाल : निधि चौधरी
paliwalwani
जाति-धर्म से परे न्याय की पुकार: महिलाओं के सम्मान की जंग
लेखिका : निधि चौधरी, सामाजिक कार्यकर्त्ता
उत्तर प्रदेश/ग़ाज़ियाबाद :
ग़ाज़ियाबाद की हालिया घटना ने एक बार फिर हमारे लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर सामाजिक कार्यकर्त्ता निधि चौधरी (जाट समुदाय से संबंध) का अपमान हुआ। इससे पहले ग़ाज़ियाबाद निवासी शाहरुख़ खान नाई पर बाल्मीकि समाज की महिला विनेश उर्फ़ लाली बुआ को जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित करने और पड़ोस में रहने वाली नाबालिग लड़की मुस्कान से छेड़खानी करने का आरोप भी लगा था।
दलित समुदाय की बस्ती में इस महिला के साथ हुए अन्याय पर समाज चुप रहा। हालांकि कुछ लोगों ने विरोध दर्ज कराया और मामले में मौखिक माफ़ी के साथ गलती मानी। लेकिन जब 15 अगस्त पर तिरंगा ड्रेस पर निधि चौधरी ने तीसरी घटना पर आवाज़ उठाई, तो आरोपी पक्ष ने न केवल पुलिस और पीड़िता पर झूठे आरोप लगाए बल्कि प्रशासन को गुमराह करने की भी कोशिश की। यह स्पष्ट रूप से आरोपी को बचाने की एक सुनियोजित रणनीति प्रतीत होती है, जिसमें आसपास के कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल हैं।
निधि चौधरी का कहना है: “क्या यही लोकतांत्रिक भारत है, जहाँ दलित बस्ती में ही दलित महिलाओं के सम्मान की रक्षा करने के बजाय उनकी आवाज़ दबा दी जाती है?”
दलित महिला के न्याय की लड़ाई दिल्ली तक पहुँचीओबीसी समुदाय से आने वाली निधि चौधरी ने यह मामला दिल्ली तक पहुँचाया। उन्होंने अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य को बीजेपी केंद्रीय कार्यालय में शिकायत सौंपी और इसे दिल्ली एससी आयोग तक भी पहुँचाया।
इस संघर्ष में अखिल भारतीय महर्षि वाल्मीकि साधु अखाड़ा परिषद के महंत गुरुजी राजू चंदेल ने भी समर्थन दिया। उन्होंने घोषणा की कि 30 अगस्त को दिल्ली में बाल्मीकि साधु संतों की सभा में बाल्मीकि समाज की महिला विनेश (लाली बुआ) का सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा।
रिलेक्स सैलून या संदिग्ध ठिकाना?
स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि शाहरुख़ खान का सैलून केवल कमाई का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं और लड़कियों को निशाना बनाने का केंद्र भी हो सकता है। पड़ोसियों और स्टाफ पर भी इसमें सहयोग करने के आरोप लगे हैं।
वर्षों से मोहल्ले में रहने वाली महिलाओं और लड़कियों ने छींटाकशी और मानसिक उत्पीड़न की शिकायतें खास समुदाय के लोग ओर नाई की आती रही हैं। विशेष रूप से नाबालिग लड़की ‘मुस्कान’ और अन्य पीड़िताओं के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएँ सामने आईं। स्वतंत्रता दिवस पर भी महिलाओं का अपमान कर देशभक्ति की गरिमा को ठेस पहुँचाई गई।
मीडिया में पीड़िता की गवाही
पीड़िता निधि चौधरी ने अपनी आपबीती मीडिया में साझा की। उन्होंने घटना स्थल पर News 31 India के पत्रकार एडिटर रजत शर्मा को बुलाकर बयान दिया और सुदर्शन न्यूज़ के एडिटर राहुल आर्य के समक्ष लाइव कार्यक्रम में अपने साथ हुए अपमान और अत्याचार का खुलासा किया।
समाज और संविधान के लिए चुनौती
यह मामला केवल एक महिला का नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की संवेदनशीलता, महिलाओं के सम्मान और संविधान की आत्मा का प्रश्न है। अब समय आ गया है कि समाज जाति और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुट हो और ऐसे जेहादी मानसिकता वाले कट्टर अपराधियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाई जाए।
निधि चौधरी
सामाजिक कार्यकर्त्ता
पीड़िता का विवरण
नाम : निधि चौधरी
जन्म स्थान: ग़ाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश
वर्तमान पता: नीमच, मध्य प्रदेश
वैवाहिक पता (ससुराल): नीमच