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मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में घोटालों की गुंज : 93 लाख का गेहूं परिवहन घोटाला, FIR दर्ज : ऑपरेटर का देवर निकला मास्टर माइंड

📅 22 May 2024, 07:00 AM • ✍️ paliwalwani • ⏱️ 3 मिनट में पढ़ें
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मध्य प्रदेश में घोटालों की गुंज : 93 लाख का गेहूं परिवहन घोटाला, FIR दर्ज : ऑपरेटर का देवर निकला मास्टर माइंड
मध्य प्रदेश में घोटालों की गुंज : 93 लाख का गेहूं परिवहन घोटाला, FIR दर्ज : ऑपरेटर का देवर निकला मास्टर माइंड

सतना. सतना में 93 लाख रुपये कीमती गेहूं के गायब होने के मामले में वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के जिला प्रबंधक को सस्पेंड कर दिया गया है. मामले में पुलिस (Satna Police) ने समूह अध्यक्ष समेत कुल आठ लोगों से खिलाफ मामला दर्ज किया है. इस बहुचर्चित मामले में धारकुंडी पुलिस ने समूह की अध्यक्ष, दलाल, ट्रांसपोर्टर, तीन ऑपरेटर सहित कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया है.

पुलिस ने समूह की अध्यक्ष सीतागिरी, समूह ऑपरेटर अभिलाषा सिंह, समिति के दलाल शिवा सिंह, परिवहनकर्ता के मैनेजर सम्राट सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम के ऑपरेटर नरेंद्र पाण्डेय, धनंजय द्विवेदी, सतीश कुमार द्विवेदी और राकेश सिंह के खिलाफ धारा 406, 417, 420, 467, 468, 471 और 120 (बी) के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

फर्जी तरीके से किसानों के नाम पर भुगतान 

समूह ने 8 मई को आठ ट्रक और 13 मई को पांच ट्रक गेहूं लोड कर भण्डारण के लिए लखनवाह के यूनिट क्रमांक 2 गोदाम भेजा था, आठ ट्रकों में कुल 2360 क्विंटल और पांच ट्रकों में 15 सौ क्विंटल अनाज भेजने का दावा किया गया. इन्हीं ट्रकों की टीसी डायवर्ट कर रेलवे रैक प्वाइंट भेजा गया था और फर्जी तरीके से किसानों के नाम पर भुगतान कर दिया गया. जांच अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 13 ट्रकों की बिल्टी नहीं बनाये जाने का जिक्र किया है, साथ ही रिपोर्ट में बताया गया कि इन ट्रकों की बिल्टी परिवहनकर्ता लॉगिन आईडी हैक कर बनाया गया है.

ऑपरेटर का देवर निकला मास्टर माइंड

जैतमाल बाबा महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष सीतागिरी खरीद प्रभारी थी. ऑपरेटर के तौर पर अभिलाषा सिंह की नियुक्ति थी. जानकारी के मुताबिक, यहां समूह अध्यक्ष और ऑपरेटर सिर्फ डमी के रूप में काम करते हैं. पूरा कारोबार ऑपरेटर का देवर शिवा सिंह देख रहा था. शिवा सिंह एक ओर ऑपरेटर की जगह काम कर रहा था, दूसरी ओर समिति में सभी तरह के निर्णय भी यही लेता था. कुल मिलाकर पूरे प्रकरण में फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड यही था. फर्जी तरीके से गेहूं को रेडी टू ट्रांसपोर्ट दिखाया और फिर फर्जी तरीके से लोडिंग अनलोडिंग का खेल हुआ.

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