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इंदौर

इंदौर में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए आगामी 14 मई को नेशनल लोक अदालत

📅 21 April 2022, 11:00 PM • ✍️ sunil paliwal-Anil paliwal • ⏱️ 5 मिनट में पढ़ें
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इंदौर में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए आगामी 14 मई को नेशनल लोक अदालत
इंदौर में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए आगामी 14 मई को नेशनल लोक अदालत

इंदौर : न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के आपसी सुलह समझौतों के साथ त्वरित निराकरण के लिए आगामी 14 मई 2022 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया है. इस लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के लिए व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं. इस संबंध में विभिन्न इंश्योरेंस कंपनियों के साथ प्री-सिटिंग बैठकों का कार्यक्रम भी निर्धारित कर दिया गया है. उक्त प्री-सिटिंग बैठकों के आयोजन का सिलसिला आगामी 27 अप्रैल 2022 से प्रारंभ होगा.

यह लोक अदालत मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार जिला न्यायालय, समस्त तहसील न्यायालय, कुटुम्ब न्यायालय, श्रम न्यायालय, नगर निगम एवं सहकारी संस्थायें इन्दौर में आयोजित होगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं जिला न्यायाधीश श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उक्त नेशनल लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरण जैसे- क्लेम प्रकरण, सिविल प्रकरण, विद्युत प्रकरण, धारा 138 एन. आई. एक्ट के प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, भू-अर्जन, श्रम प्रकरण, राजीनामा योग्य दांडिक प्रकरण, सर्विस मेटर व जिला न्यायालय में लम्बित राजस्व मामले, जलकर के साथ प्रस्तुत होने वाले प्री-लिटिगेशन मामलों को आपसी समझौते की प्रक्रिया हेतु रखा जाना है। श्री श्रीवास्तव ने बताया कि लोक अदालत में निराकृत होने वाले मामलों में पक्षकार द्वारा जमा की गई कोर्ट फीस पूर्णतः वापस हो जाती है, धारा 138 चेक अनादरण के मामलों में पक्षकारगण में आपसी समझौता होता हैं तो वह भी कोर्ट फीस वापस पाने का हकदार होगा। लोक अदालत में मामलों को निपटाने से ना किसी की जीत होती हैं और ना ही किसी की हार होती है। दोनों ही पक्षों में सौहार्द का वातावरण बना रहता है। समय व धन की बचत होती हैं। मोटर दुर्घटना दावा क्षतिपूर्ति (क्लेम) प्रकरणों को लोक अदालत में निराकरण होने पर पीड़ित पक्षकार को मुआवजा राशि शीघ्र मिल जाती है। लोक अदालत में पारित आदेश/अवार्ड/डिकी के विरूद्ध कोई अपील या रिवीजन नहीं होती है।

उक्त नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने हेतु प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इन्दौर श्री सुबोध कुमार जैन द्वारा विगत दिवस जिला मुख्यालय एवं बाह्यवर्ती मुख्यालयों के न्यायाधीशगणों की बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने आगामी लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों को रैफर कर सुलह-समझौते के माध्यम से निराकरण के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

बताया गया कि मोटर दुर्घटना दावा क्षतिपूर्ति मामलों में सुलह-समझौते की वार्ता प्री-सिटिंग बैठकों का आयोजन जिला न्यायालय के कक्ष क्रमांक 28/1 में किया जा रहा है। आगामी 27 अप्रैल को सभी प्राइवेट जनरल इंश्योरेंस कंपनी, 28 अप्रैल को न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, 29 अप्रैल को नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, 2 मई को यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, 4 मई को ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी तथा 5 मई को वह क्लेम प्रकरण जिनमें कोई बीमा कंपनी नहीं है के संबंध में प्री-सिटिंग की जाएगी।

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