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अमेरिका के बगैर नाटो का कोई वजूद नहीं-डोनाल्ड ट्रंप
S.P.MITTAL BLOGGER
तो अब यूक्रेन को रूस हड़प लेगा
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ईरान के साथ चल रहे युद्ध में नाटो देशों द्वारा अमेरिका का सहयोग नहीं किए जाने पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खासी नाराजगी जताई है। मालूम हो कि नॉर्थ एटलांटिक टेरिटरी (नोटो) 32 देशों का एक समूह है, जिसमें अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय देश शामिल है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के बगैर नाटो देशों का कोई महत्व नहीं है। चूंकि मौजूदा समय में नाटो देश अमेरिका का सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसलिए वक्त आने पर नाटो देशों को सबक सिखाया जाएगा। ट्रंप ने नाटो देशों को लेकर जो टिप्पणी की है, उससे प्रतीत होता है कि अब यूक्रेन को रूस हड़प लेगा। असल में यूक्रेन के नाटो देशों में शामिल होने के विरोध में ही रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था। गत दो वर्षों से रूस ने यूक्रेन के लगभग आधे भाग पर कब्जा कर लिया है।
अब तक यूक्रेन , रूस से इसलिए मुकाबला कर पा रहा था कि उसे अमेरिका और नाटो देशों का समर्थन था। अब जब डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों से पल्ला झाड लिया है, तब रूस के लिए यूक्रेन को हड़पना आसान हो गया है। वैसे भी ईरान और अमेरिका के युद्ध की वजह से रूस ताकतवर हुआ है। खाड़ी देशों में तेल की सप्लाई बाधित होने के कारण रूस अब अपने तेल को ऊंची कीमत में बेच रहा है।
चूंकि डोनाल्ड ट्रंप खुद युद्ध में उलझे हुए हैं इसलिए रूस को यूक्रेन को दबाने का और अवसर मिल गया है। ईरान और अमेरिका के इस युद्ध में सबसे बड़ा खतरा अब यूक्रेन को हो गया है। अब जब रूस यूक्रेन को कब्जाने का काम करेगा तो नाटो देश यूक्रेन की कोई मदद नहीं कर पाएंगे। हो सकता है कि नाटो देशों से बदला लेने के लिए डोनाल्ड ट्रंप खुद ही रूस को यूक्रेन पर कब्जा करने के लिए उकसाए।





