Monday, 06 April 2026

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अमेरिका ने ईरान में फंसे पायलट को बचाने के चक्कर में, दो हजार करोड़ के एक C-130 और दो ब्लैक हॉक्स हेलीकॉप्टर गंवाए

paliwalwani
अमेरिका ने ईरान में फंसे पायलट को बचाने के चक्कर में, दो हजार करोड़ के एक C-130 और दो ब्लैक हॉक्स हेलीकॉप्टर गंवाए
अमेरिका ने ईरान में फंसे पायलट को बचाने के चक्कर में, दो हजार करोड़ के एक C-130 और दो ब्लैक हॉक्स हेलीकॉप्टर गंवाए

अमेरिका ने ईरान में फंसे पायलट को सुरक्षित बचा लिया है. रविवार सुबह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि एक बेहद साहसिक मिशन के बाद पायलट को बचा लिया गया. जंग के बीच ईरान की धरती से पायलट को सुरक्षित बचाना अमेरिका के लिए बड़ी बात है.

क्योंकि यदि यह पायलट ईरान के हत्थे चढ़ जाता तो पूरी दुनिया में अमेरिका की जगहसाई होनी तय थी. अमेरिकी आधुनिक फाइटर जेट F-15 E के लापता पायलट को बचाने के लिए अमेरिका ने एक खतरनाक सैन्य ऑपरेशन लॉन्च किया. इस पूरे ऑपरेशन को ईरान की जमीन पर ही अंजाम दिया गया. जहां ईरान की ओर से भी लगातार फायरिंग हो रही थी. लेकिन इसके बाद भी अमेरिका अपने पायलट को सुरक्षित बचाने में सफल रहा. 

लेकिन इस खतरनाक ऑपरेशन के लिए अमेरिका ने बड़ी कीमत भी चुकाई. ईरान में फंसे इस एक पायलट की जान के लिए अमेरिका ने करीब दो हजार करोड़ की कीमत वाले अपने एयरक्राफ्ट भी गंवा दिए. 

शुक्रवार को ईरान में अमेरिकी लड़ाकू विमान F-15 E गिरने के बाद पायलट को पकड़ने के लिए जैसे एक रेस शुरू हो गई. ईरान की IRGC और कई मिलिशिया ग्रुप उनकी तलाश में जुट गए. ईरान ने सरकारी टीवी से ऐलान कर दिया कि जो कोई पायलट को पकड़ेगा उसे 50 लाख का ईनाम दिया जाएगा. हथियारों से लैस स्थानीय लोग भी जंगलों और पहाड़ों में पायलट को खोज रहे थे. ईरान चाहता था कि वह पायलट को जिंदा पकड़ ले ताकि वह अमेरिका के साथ मोलभाव कर सके. 

अमेरिकी सेना ने तेजी से कार्रवाई की. US स्पेशल फोर्स ने दक्षिण ईरान के अंदर घुसकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. देहदाश्त इलाके में रातभर भीषण गोलीबारी होती रही. अंतिम दिन तो ऐसा हुआ कि अमेरिकी टीम और ईरानी बल आमने-सामने थे. बताया जाता है कि पायलट कई घंटों तक छिपा रहा. वह लगातार अपनी जगह बदलता रहा ताकि पकड़ा न जाए. अमेरिका ने सैटेलाइट से जुड़े खास रेडियो सिग्नल से उसकी लोकेशन पता की. इसके बाद कमांडो टीम मौके पर पहुंची. ये पूरा ऑपरेशन नाइट स्टॉकर्स यूनिट ने संभाला. 

हेलीकॉप्टर्स के अलावा एक विशेष ट्रांसपोर्ट एयरकाफ्ट सी 130 की मदद से स्पेशल फोर्स पायलट तक पहुंचे. पायलट के बचाव के दौरान अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच मुठभेड़ हुई. भारी फायरिंग के बीच आखिरकार पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया.

हालांकि इस ऑपरेशन में अमेरिकी हेलीकॉप्टर को भी नुकसान पहुंचने की खबर है. कुछ सैनिकों के घायल होने की भी बात सामने आई है. लेकिन मिशन को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया. दुश्मन के इलाके में घुसकर जंग के दौरान पायलट को ईरान से बाहर सुरक्षित निकालना सबसे बड़ी चुनौती थी  कई ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टर  इस काम में लगाए गए. कुछ विमान तकनीकी कारणों से फंस गए थे.अमेरिका ने तुरंत नए विमान भेजे और हालात संभाले.

खबर ये भी है कि अमेरिका ने खराब विमानों को दुश्मन के हाथ लगने से पहले नष्ट कर दिया गया. इसके बाद पूरी टीम को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. यह अलग बात है कि एक सी-130 और दो ब्लैक हॉक्स हेलीकॉप्टर का नुकसान अमेरिका को झेलना पड़ा, जिसकी कीमत करीब दो हजार करोड़ के आसपास है. 

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