नकली सोने से फायनेंस कंपनी को लगाई 12 लाख से ज्यादा की चपत
भोपाल। एक निजी गोल्ड फायनेंस कंपनी ने सोने की गुणवत्ता और उसका मूल्य निर्धारित करने के लिए पांच लोगों को रखा था। इन लोगों ने लोन लेने वालों से मिलीभगत करके नकली सोने को असली बताते हुए कंपनी को लगभग 12 लाख 50 हजार रुपये की चपत लगा दी। धोखाधड़ी का पता चलने के बाद कंपनी ने इस मामले में कोर्ट में परिवाद दायर किया था। कोर्ट के आदेश पर कोलार थाना पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कोलार थाना पुलिस के मुताबिक सोनू जैन बीमा कुंज स्थित जना स्माल फायनेंस कंपनी लिमिटेड में मैनेजर हैं। उन्होंने कोर्ट में परिवाद दायर किया था। उसमें बताया था कि वर्ष 2019 में उनकी कंपनी ने मिलिंद, अनिल कुमार और रजनी बाघड़कर से अनुबंध किया था। इस अनुबंध के तहत तीनों को कंपनी में गिरवी रखे जाने वाले सोने का मूल्यांकन करने के लिए लोगों को अनुबंधित करना था। इन तीन लोगों ने राहुल मित्तल और ओमप्रकाश से सोने की गुणवत्ता और कीमत निर्धारित करने के लिए रखा था। वर्ष 2019 से 2020 तक बैंक में मोहन पवार, आशीष, अक्षत, मंगल, अतुल अग्निहोत्री, महेश, हरगोपाल, सत्यम अग्निहोत्री, शैलेष परिहार व शेखर ने सोना गिरवी रखा। इसके एवज में उन्होंने कंपनी से रुपये हासिल किए थे। कंपनी ने आडिट कराया तो इन लोगों द्वारा गिरवी रखा गया सोना नकली पाया गया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश पर कोलार थाना पुलिस ने सभी 15 लोगों के खिलाफ ठगी का केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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