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शेयर बाजार में भारी गिरावट के साथ कारोबार : डूबे 13 लाख करोड़
paliwalwani
डूबे 13 लाख करोड़
सेंसेक्स 1,803 अंक नीचे 72,784 पर, जबकि निफ्टी 600
आज सोमवार को शेयर बाजार (Share market Today Live) में भारी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई है। सेंसेक्स 74,532.96 के मुकाबले 800.38 अंक या 1.07 फीसदी की गिरावट के साथ 73,732.58 पर खुला है। वहीं निफ्टी 23114.50 के मुकाबले 290.15 अंक या 1.26 फीसदी टूटकर 22,824.35 पर खुला है।
सोमवार सुबह शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली और इसकी सबसे बड़ी वजह वैश्विक तनाव रहा. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ईरान को दी गई चेतावनी के बाद निवेशकों में डर बढ़ गया, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा. सेंसेक्स करीब 1700 अंक टूट गया है, जबकि निफ्टी 600 अंक टूट गई. दूसरी तरफ, ONGC और HCLTech जैसे कुछ शेयरों ने हल्की मजबूती दिखाई. वहीं वोलैटिलिटी इंडेक्स (VIX) में 10% की तेज उछाल से यह संकेत मिला कि बाजार में अनिश्चितता काफी बढ़ गई है. बाजार की इस तेज गिरावट का असर सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिला.
गिरावट की 6 बड़ी वजहें
- 1-महंगा कच्चा तेल: ब्रेंट क्रूड $113 के करीब पहुंच गया, जिससे महंगाई और करंट अकाउंट पर दबाव बढ़ा.
- 2-FPI की बिकवाली: मार्च में अब तक ₹90,152 करोड़ की भारी बिकवाली ने बाजार का सेंटीमेंट बिगाड़ा.
- 3-India VIX में उछाल: वोलैटिलिटी इंडेक्स 15% बढ़कर 26 पर पहुंचा, जो डर को दिखाता है.
- 4-जियोपॉलिटिकल तनाव: अमेरिका-ईरान टकराव से सप्लाई डिसरप्शन का खतरा बढ़ा.
- 5-ग्लोबल कमजोरी: एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट का असर भारत पर पड़ा.
- 6-रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर: डॉलर के मुकाबले ₹93.94 तक गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई.
ईरान की चेतावनी से बाजार में हड़कंप, निवेशकों में घबराहट
ग्लोबल बाजारों के लिए आज का दिन काफी भारी रह सकता है. मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा का कहना है कि जियोपॉलिटिकल हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और स्थिति खतरनाक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. ऐसे माहौल में निवेशकों के बीच अनिश्चितता और डर साफ नजर आ रहा है.बाजार में बिकवाली का दबाव इसलिए भी बढ़ रहा है क्योंकि अभी यह साफ नहीं है कि देशों के बीच जो तीखी बयानबाजी चल रही है, वह असल कार्रवाई में बदलेगी या नहीं.
यही अनिश्चितता निवेशकों को सबसे ज्यादा परेशान कर रही है.स्थिति तब और गंभीर हो गई जब ईरान ने मिडिल ईस्ट में “महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर” पर हमला करने की चेतावनी दी. इस बयान के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और बाजारों में रिस्क बढ़ने का डर गहरा गया है.अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्लोबल मार्केट्स और एनर्जी सप्लाई पर भी पड़ सकता है. यही वजह है कि निवेशक फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं और सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ रुख कर सकते हैं.
एशियाई बाजारों में हड़कंप! फिलीपींस इंडेक्स 3% टूटा
एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट का दौर तेज हो गया है और इसका असर फिलीपींस पर भी साफ दिखा. फिलीपींस स्टॉक इंडेक्स करीब 3% गिरकर 5,840.78 के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले कई महीनों का सबसे निचला स्तर है.यह गिरावट ऐसे समय आई है जब ग्लोबल बाजारों में दबाव लगातार बढ़ रहा है. मजबूत डॉलर, बढ़ती ब्याज दरों की चिंता और जियोपॉलिटिकल तनाव ने निवेशकों का भरोसा कमजोर कर दिया है.
निवेशक तेजी से जोखिम वाले एसेट्स से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे उभरते बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है. फिलीपींस जैसे बाजार, जो विदेशी निवेश पर काफी हद तक निर्भर हैं, वहां इसका असर ज्यादा दिख रहा है.





