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सच हो रहे हैं श्री अरविंद के पांच स्वप्न : कौशल किशोर चतुर्वेदी

📅 15 August 2024, 05:01 PM • ✍️ कौशल किशोर चतुर्वेदी • ⏱️ 8 मिनट में पढ़ें
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सच हो रहे हैं श्री अरविंद के पांच स्वप्न : कौशल किशोर चतुर्वेदी
सच हो रहे हैं श्री अरविंद के पांच स्वप्न : कौशल किशोर चतुर्वेदी

अब यह विश्वास दृढ़ होता जा रहा है कि भारत विश्व गुरु बनेगा। 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ था और गुलामी की जंजीर से मुक्त होकर भारत ने विकास की नई राह पर कदम रखा था। अब विकसित भारत की बात सामने है। महर्षि अरविंद ने आजादी के दिन वह पांच स्वप्न अपने संदेश में समाहित किए थे जो भारत को विश्व गुरु बनाने की क्षमता रखते हैं। आज यानी 15 अगस्त 2024 को भारत अपना 78 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है।

राष्ट्र की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने प्रधानमंत्री पद के तीसरे कार्यकाल का पहला स्वतंत्रता दिवस संबोधन देंगे, तो मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहली बार आजादी के समारोह को संबोधित करेंगे। यह सभी संबोधन राष्ट्र की संवैधानिक व्यवस्था के हिस्से हैं। 21वीं सदी के भारत ने अब उन ऊंचाइयों की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं जो उसे विश्व गुरु बनने की राह पर आगे बढ़ाते हैं। ऐसे में श्री अरविंद की सोच को स्वीकार कर एक नए भारत की तस्वीर में रंग भरा जा सकता हैं।

महर्षि अरविंद का पहला सपना था एक क्रांतिकारी आंदोलन जो स्वाधीन और एकीभूत भारत को जन्म दे। महर्षि अरविंद ने अपने संदेश में कहा था कि भारत भारत आज स्वतंत्र हो गया है पर उसने एकता प्राप्त नहीं की। पर महर्षि अरविंद विभाजन को पत्थर की लकीर नहीं मानते थे। बल्कि उन्होंने विभाजन को एक काम चलाऊ अस्थाई उपाय से बढ़कर कुछ नहीं माना। महर्षि अरविंद की सोच एकत्व के अलग आयामों पर भी केंद्रित थी। पर उनका मानना था कि विभाजन अवश्य हटाना चाहिए और एकता स्थापित होनी चाहिए।

आज हम यह सपना देख सकते हैं कि भारत अपनी अखंड स्थिति को प्राप्त करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। बांग्लादेश और पाकिस्तान में मची उथल-पुथल इसका प्रमाण है कि कल का अखंड भारत जन्म ले सकता है। तभी एकता का महर्षि अरविंद का पहला सपना पूरा होगा। जिसे वह भारत के भविष्य की महानता के लिए आवश्यक मानते थे।

श्री अरविंद का चौथा सपना था, संसार को भारत का आध्यात्मिक दान पहले से ही प्रारंभ हो चुका है। भारत की आध्यात्मिकता यूरोप और अमेरिका में नित्य बढ़ती हुई मात्रा में प्रवेश कर रही है। यह आंदोलन बढ़ेगा, वर्तमान काल की विपदाओं के बीच अधिकाधिक लोगों की आंखें आशा के साथ भारत की ओर मुड़ रही हैं और न केवल उसकी शिक्षाओं का अपितु उसकी आंतरात्मिक और आध्यात्मिक साधना का भी उत्तरोत्तर आश्रय लिया जा रहा है। भारत आज इस मुकाम पर है जिसमें श्री अरविंद का सपना अक्षरशः सच साबित हो रहा है। योग, ध्यान और कृष्ण भक्ति का प्रचार-प्रसार आंतरात्मिक और आध्यात्मिक साधना के उत्तरोत्तर आश्रय के प्रमाण हैं।

श्री अरविंद का अंतिम स्वप्न था क्रम विकास में अगला कदम जो मनुष्य को एक उच्चतर और विशालतर चेतना में उठा ले जाएगा और उन समस्याओं का हल करना प्रारंभ कर देगा जिन समस्याओं ने मनुष्य को तभी से हैरान और परेशान कर रखा है जब से कि उसने वैयक्तिक पूर्णता और पूर्ण समाज के विषय में सोचना विचारना शुरू किया था। श्री अरविंद का मानना था की इसका प्रारंभ भारतवर्ष ही कर सकता है और यद्यपि इसका क्षेत्र सार्वभौम होगा

तथापि केंद्रीय आंदोलन भारत ही करेगा। पूरी दुनिया को योग के जरिए इस दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग भारत ने दिखा दिया है। हालांकि मंजिल अभी बहुत दूर है, पर मंजिल तक पहुंचना संभव है। महर्षि अरविंद ने अंत में लिखा था कि यह है वे भाव और भावनाएं जिनको मैं भारतीय स्वाधीनता की इस तिथि के साथ सम्बद्ध करता हूं। क्या ये आशाएं ठीक सिद्ध होंगी, या कहां तक सिद्ध होंगी, यह बात नए और स्वाधीन भारत पर निर्भर करती है।

श्री अरविंद के यह स्वप्न सच साबित हो रहे हैं। भले ही सभी स्वप्न सच साबित होने में थोड़ा समय और लें, पर विकसित भारत की सोच चरितार्थ होने तक श्री अरविंद के पांचों स्वप्न अक्षरश: सच साबित होंगे, इसमें कोई संशय नहींं है। भारत की एकता की दिशा में यह 78वां स्वतंत्रता दिवस समारोह खास है। हो सकता है कि लाल किले की प्राचीर इस दिशा में संकेत देकर संशय को दूर करने का काम भी कर दे…जिसमें भारत की एकता और विश्व गुरु बनने में श्री अरविंद के सपने सच होते नजर आएं…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं. प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं. दो पुस्तकों “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं. स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है.

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं. इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं.

प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं. नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं.

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