Thursday, 09 April 2026

धर्मशास्त्र

चप्पल उल्टी होने पर क्यों टोकते हैं घर के बड़े-बुजुर्ग...! वजह जानेंगे तो अब से नहीं करेंगे ये काम

paliwalwani
चप्पल उल्टी होने पर क्यों टोकते हैं घर के बड़े-बुजुर्ग...! वजह जानेंगे तो अब से नहीं करेंगे ये काम
चप्पल उल्टी होने पर क्यों टोकते हैं घर के बड़े-बुजुर्ग...! वजह जानेंगे तो अब से नहीं करेंगे ये काम
  • वास्तु टिप्स : घर पर बड़े बुजुर्ग हमेशा हमें घर पर चप्पल या जूते के उल्टे हो जाने पर तुरंत टोकते हैं और उसे सीधा करने को कहते हैं। उल्टी चप्पल देखकर हर किसी को उलझन होती है लेकिन क्यों चप्पल या जूता उल्टा नहीं होना चाहिए इसके पीछे की वजह कोई नहीं जानता है। आइए हम आपको इसकी वजह बताते हैं जिसे जानकर आप भी आज से ये काम नहीं करेंगे।

घर में होती है कलह

ऐसा माना जाता है कि अगर चप्पल उल्टी रखो तो घर में कलह होती है और लड़ाई-झगड़े होते हैं। हालांकि इसके पीछे कोई वैज्ञानिक तथ्य नहीं है।

धनहानि

कहते हैं कि उल्टा जूता या चप्पल आपको दिखे तो तुरंत उसे सीधा कर दें वरना मां लक्ष्मी रूठ जाएंगी और धन हानि होगी। इसलिए हमारे बुजुर्ग हमें ऐसा करने से रोकते हैं।

बीमारी का खतरा

मान्यता है कि चप्पल या जूते उल्टे रखने से घर में बीमारी होती है, इसलिए कभी भी चप्पल गलती से उल्टी हो जाए तो उसे तुरंत सीधा कर दें।

निगेटिव एनर्जी 

कहते हैं कि घर में उल्टा जूता या चप्पल रखो तो घर में निगेटिव एनर्जी आती है। इससे घरवालों की सोच पर भी बुरा असर पड़ता है, घर की पॉजिटिविटी खत्म हो जाती है और घर के वातावरण में अशांति फैल जाती है।

शनि देव हो सकते हैं रुष्ट

कहते हैं कि घर में उल्टा चप्पल या जूता रखने से घर का माहौल खराब होता है। शनिदेव को पैरों का कारक माना जाता है और उल्टी चप्पल रखने से शनिदेव रुष्ट हो जाते हैं, इसलिए बेहतर है कि चप्पल सीधी रखें।

दिखने में लगता है बुरा

धार्मिक मान्यताओं के साथ एक कारण ये भी है कि चीजें सही जगह पर सही तरीके से रखी ही अच्छी लगती हैं। अगर घर पर चप्पल उल्टी रखी होगी तो घर देखने में अच्छा नहीं लगेगा और उसे देखकर आपका मन भी खराब होगा। इसलिए सलीके से सीधी तरफ से और सही जगह चप्पल-जूते रखें।

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● Disclaimer :इस लेख में दी गई ज्योतिष जानकारियां और सूचनाएं लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं. इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं. पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. पालीवाल वाणी इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले इससे संबंधित पंडित ज्योतिषी से संपर्क करें तथा चिकित्सा अथवा अन्य नीजि संबंधित जानकारी के लिए अपने नीजि डॉक्टरों से परार्मश जरूर लीजिए. पालीवाल वाणी तथा पालीवाल वाणी मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है.
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