Tirupati Temple : स्पेशल टोकन लेने की होड़, खचाखड़ भीड़ और 6 मौतें… तिरुपति में मची भगदड़, जानिए कैसे ?
Tirupati Temple Stampede News : आंध्र प्रदेश के फेमस तिरुपति मंदिर में बुधवार को मची भगदड़ में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। तिरुपति मंदिर के वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए 8 जगहों पर टोकन काउंटर बनाए गए थे। भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए टोकन तिरुपति के बैरागीपट्टेडा में एमजीएम हाई स्कूल में बांटे जा रहे थे, जो विष्णु निवासम मंदिर के करीब मौजूद है। टोकन लेने के लिए हजारों भक्त बुधवार सुबह से ही काउंटरों पर इकट्ठा होने लगे थे और शाम होते-होते धक्का-मुक्की शुरू हो गई थी।
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के अध्यक्ष बीआर नायडू ने कहा कि भगदड़ तब शुरू हुई जब एक महिला को बाहर निकालने के लिए गेट खोला गया, लेकिन वहां इकट्ठा हुए श्रद्धालुओं ने एक ही बार में सभी को अंदर धकेल दिया। बता दें कि हर साल वैकुंठपर तिरुपति वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है। इस बार वैकुंठ द्वार दर्शन 10 जनवरी से 19 जनवरी तक होने हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया हाल
प्रत्यक्षदर्शियों ने सही इंतजाम नहीं होने की बात कही है। एक जिंदा बचे शख्स ने कहा, ‘जब गेट खोला गया तो चार पुलिसकर्मी भी मौजूद नहीं थे। घंटों से इंतजार कर रहे हजारों लोग टोकन लेने के लिए दौड़ पड़े। पद्मावती पार्क में एक अन्य भक्त ने टोकन बांटने की प्रक्रिया की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘कोविड के बाद से इस व्यवस्था का पालन किया जाता तो यह त्रासदी टाली जा सकती थी।’
टीटीडी चेयरमैन ने प्रशासन को बताया जिम्मेदार
इस हादसे पर टीटीडी के चेयरमैन बीआर नायडू ने कहा कि हम इस बात को मानते हैं कि प्रशासन की चूक की वजह से ऐसा हुआ है। डीएसपी ने एक एरिया के गेट को खोला और लोग भाग गए। इसमें 6 लोगों की जान चली गई। इसमें से एक की पहचान हो गई है। बाकी मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे।
टीटीडी के पूर्व अध्यक्ष ने की आलोचना
टीटीडी के पूर्व अध्यक्ष भूमा करुणाकर रेड्डी ने तिरुपति के विष्णु निवासम में हुई दुखद भगदड़ की घटना को लेकर गठबंधन सरकार की आलोचना की और इसे प्रशासनिक विफलता बताया। रेड्डी ने जानमाल के नुकसान पर दुख जताया और सही व्यवस्था की कमी पर सवाल उठाया। उन्होंने वर्तमान टीटीडी चेयरमैन की आलोचना करते हुए कहा कि वे भक्तों की सेवा करने के बजाय राजनीतिक प्रचार को प्राथमिकता देते हैं और टिकट कुप्रबंधन के आरोपों की जांच की मांग की। उन्होंने टीटीडी चेयरमैन, स्थानीय एसपी और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को इस त्रासदी की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और भगवान वेंकटेश्वर के भक्तों से माफी मांगनी चाहिए।
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