रतलाम/जावरा
रतलाम मंडल की बड़ी उपलब्धि: गोधरा–नागदा खंड पूर्णतः ऑटोमैटिक सिग्नलिंग से लैस
paliwalwani
रतलाम. पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने वित्त वर्ष 2025–26 में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अनास–बजरंगगढ़ रेल खंड (29.48 किमी) में ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। इसके साथ ही गोधरा–नागदा ‘ए’ रूट (224.49 किमी) पूर्णतः ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली से सुसज्जित हो गया है।
उक्त कार्य को मात्र 5.15 घंटों में पूर्ण कर तकनीकी दक्षता एवं उत्कृष्ट समन्वय का परिचय दिया गया। इस परियोजना के अंतर्गत मेघनगर स्टेशन पर नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) स्थापित की गई है। साथ ही ट्रैक मशीन एवं रेल ग्राइंडिंग मशीन साइडिंग, गुड्स प्लेटफॉर्म का विस्तार तथा लाइन नंबर 6 से अप एवं डाउन मुख्य लाइन की सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित की गई है।
यह उपलब्धि मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार के कुशल मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ मंडल संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर आर. एस. मीना, मंडल संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर श्रीमती दिव्या पारीक सहित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों का परिणाम है। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय ने इस कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार इस उन्नयन से ट्रैक क्षमता, संरक्षा, सुरक्षा एवं संचालन दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा मानवीय त्रुटियों से होने वाली घटनाएं न के बराबर हो जाएगी।
कार्य की प्रमुख विशेषताओं में 100% रिडंडेंसी पावर सप्लाई, चार नई ऑटो हट्स की स्थापना, 33 ऑटोमैटिक सिग्नल, 12 सेमी-ऑटोमैटिक सिग्नल तथा 2 गेट सिग्नलों का रूपांतरण शामिल है। अनास, थांदला रोड एवं बजरंगगढ़ स्टेशनों पर मौजूदा ईआई में संशोधन किया गया, जबकि मेघनगर में नई डिस्ट्रिब्यूटेड ईआई स्थापित की गई है। इसके अतिरिक्त फायर डिटेक्शन एवं अलार्म सिस्टम, फ्यूज ऑटो चेंजओवर सिस्टम तथा अर्थ लीकेज डिटेक्टर भी लगाए गए हैं।





