मध्य प्रदेश
श्री आशीष दुबे के मनमाने निलंबन पर हाईकोर्ट जबलपुर का स्टे
paliwalwani
जबलपुर.
श्री आशीष दुबे, वर्तमान में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जिला सिवनी में सहायक ग्रेड‑3 के पद पर पदस्थ हैं। उनके खिलाफ संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, जबलपुर ने 02.02.2026 को निलंबनआदेश जारी किया, यह कहते हुए कि एक सेवानिवृत्त शिक्षिका को गलत तरीके से वेतन लाभ दिलाने में वे जिम्मेदार हैं।
इस निलंबन आदेश को श्री दुबे ने माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट याचिका के माध्यम से चुनौती दी। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अमित चतुर्वेदी, हाई कोर्ट जबलपुर ने यह प्रमुख तर्क रखा कि जिस समय की गलती बताकर निलंबन किया गया है, उस समय श्री दुबे उस जिले में पदस्थ ही नहीं थे, उनके सेवा रिकॉर्ड से साफ‑साफ पता चलता है कि वे किसी अन्य जिले में कार्यरत थे।
ऐसे में, जिस जगह वे रहे ही नहीं, वहाँ की कथित गलती का पूरा बोझ उन पर डालना न्यायसंगत नहीं है। उच्च न्यायालय जबलपुर में अधिवक्ता अमित चतुर्वेदी के तर्कों को स्वीकार करते हुए प्रथम दृश्य मन की संयुक्त संचालक लोक शिक्षण जबलपुर का आदेश अधिकारिता से परे है। इस प्रकार की परिस्थितियों में सिविल सेवा नियम का नियम 9 आकर्षित नहीं होता है।
माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर ने इन तथ्यों और तर्कों को देखते हुए प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता का पक्ष मजबूत पाया, निलंबन आदेश के संचालन पर स्टे दे दी, और संबंधित विभाग, सहित संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण जबलपुर संभाग, को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। उच्च न्यायालय, जबलपुर में अधिवक्ता श्री अमित चतुर्वेदी ने लिपिक जी ओर से पैरवी की।





