Thursday, 23 April 2026

इंदौर

विशुद्ध बगिया में खिले 4 नए पुष्प: टीकमगढ़ में भव्य जैनेश्वरी दीक्षा संपन्न

paliwalwani
विशुद्ध बगिया में खिले 4 नए पुष्प: टीकमगढ़ में भव्य जैनेश्वरी दीक्षा संपन्न
विशुद्ध बगिया में खिले 4 नए पुष्प: टीकमगढ़ में भव्य जैनेश्वरी दीक्षा संपन्न

राजेश जैन दद्दू 

इंदौर. 

टीकमगढ़, म.प्र. धार्मिक नगरी टीकमगढ़ शुक्रवार 17 अप्रैल 2026 को एक ऐतिहासिक और पुण्यशाली अवसर की साक्षी बनी। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि श्रंमण संस्कृति के महामहिम*पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्धसागर जी महाराज*संसघ के पावन सान्निध्य एवं दीक्षा प्रदाता के रूप में आज यहां चार ब्रह्मचारी मुमुक्षुओं ने सांसारिक बंधनों का त्याग कर जैनेश्वरी दीक्षा अंगीकार की।

दीक्षा महोत्सव में देशभर से हजारों गुरुभक्त, धर्मप्रेमी एवं समाजबंधु उपस्थित रहे। इस अवसर पर पंडित श्रेयांश कुमार जैन बडोद, पंडित संतोष कुमार विनोद कुमार जी रजवास पंडित जय निशांत, अतिशय जैन इंदौर।

दीक्षा का महत्व : दीक्षा समारोह में पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि "संयम का मार्ग ही मोक्ष का मार्ग है। विशुद्ध बगिया में आज चार नए पुष्प खिले हैं, जिनकी सुगंध से पूरा समाज सुवासित होगा। संसार के समस्त परिग्रहों का त्याग कर आत्म कल्याण के मार्ग पर बढ़ना सबसे बड़ा पुरुषार्थ है।"

दीक्षा विधि के पश्चात नवदीक्षित साधुओं का श्रद्धालुओं ने जय कारा लगाए और नमोस्तु शासन जयवंत हो से दीक्षा स्थल गुंजायमान कर दिया। दद्दू ने बताया कि 

विशुद्ध बगिया के नए पुष्पों का परिचय :

1. श्रमण मुनि श्री 108 सकलार्थ सागर जी महाराज  

  • पूर्वनाम: ब्रह्मचारी श्री प्रवीण जैन  
  • जनक-जननी: श्री रमेश चंद जैन एवं श्रीमती पुष्पा जैन  
  • जन्म: 17 जून 2003, इंदौर (म.प्र.)  
  • लौकिक शिक्षा: बी.ए. अंतिम वर्ष  
  • संघ प्रवेश: 28 अप्रैल 2025  
  • मुनि दीक्षा: 17 अप्रैल 2026, टीकमगढ़ (म.प्र.)  

2. श्रमण मुनि श्री 108 सुबोध सागर जी महाराज  

  • पूर्वनाम: ब्रह्मचारी श्री विलास गांधी  
  • जनक-जननी: श्री तलक चंद गांधी एवं श्रीमती कमलादेवी (सु. कुंथुमति)  
  • जन्म: 11 जुलाई 1955, सोलापुर (महाराष्ट्र)  
  • लौकिक शिक्षा: 9वीं  
  • विशेष: द्वितीय प्रतिमा व्रत कुंथुगिरि (महा) में लिया, संघ प्रवेश: मुंबई  
  • मुनि दीक्षा: 17 अप्रैल 2026, टीकमगढ़ (म.प्र.)  

3. श्रमण मुनि श्री 108 सुप्रभात सागर जी महाराज  

  • पूर्वनाम: ब्रह्मचारी श्री राहुल जैन  
  • जनक-जननी: श्री राजेंद्र जैन एवं श्रीमती रानी जैन  
  • जन्म: 20 सितंबर 2000, सोनागिर  
  • लौकिक शिक्षा: 4th  
  • विशेष: ब्रह्मचर्य व्रत 24-10-2018, प्रतिमा व्रत 23-12-2018, संघ प्रवेश 15-01-2025  
  • मुनि दीक्षा: 17 अप्रैल 2026, टीकमगढ़ (म.प्र.)  

4. क्षुल्लक श्री 105 सुप्रसन्न सागर जी महाराज  

  • पूर्वनाम: ब्रह्मचारी श्री राजेश जैन  
  • जनक-जननी: श्री बाबूलाल जैन एवं श्रीमती पुष्पा जैन  
  • जन्म: 8 नवंबर 1982, टीकमगढ़ (म.प्र.)  
  • लौकिक शिक्षा: 10वीं  
  • विशेष: ब्रह्मचर्य व्रत 02-10-2024  
  • मुनि दीक्षा: 17 अप्रैल 2026, टीकमगढ़ (म.प्र.)  

दीक्षा प्रदाता: पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्धसागर जी महाराज  

निवेदक : सकल दिगंबर जैन समाज,   टीकमगढ़, मध्यप्रदेश

whatsapp share facebook share twitter share telegram share linkedin share
Related News
Latest News
Trending News