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सुप्रीम कोर्ट ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प पर प्रतिबंध लगाया

📅 21 December 2023, 12:55 AM • ✍️ paliwalwani • ⏱️ 5 मिनट में पढ़ें
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सुप्रीम कोर्ट ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प पर प्रतिबंध लगाया
सुप्रीम कोर्ट ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प पर प्रतिबंध लगाया

न्यूयार्क :

कोलोराडो सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को अमेरिकी संविधान के विद्रोह खंड के तहत व्हाइट हाउस के लिए अयोग्य घोषित कर दिया और उन्हें राज्य के राष्ट्रपति पद के प्राथमिक मतदान से हटा दिया। कोलोराडो सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को अमेरिकी संविधान के तहत व्हाइट हाउस के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से व्हाइट हाउस की दौड़ के लिए प्रमुख दावेदार हैं। इतिहास में पहली बार है कि 14वें संशोधन की धारा 3 का उपयोग राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को अयोग्य ठहराने के लिए किया गया है।

उस अदालत का निर्णय जिसके सभी न्यायाधीश डेमोक्रेटिक गवर्नरों द्वारा नियुक्त किए गए थे, इतिहास में पहली बार है कि 14वें संशोधन की धारा 3 का उपयोग राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को अयोग्य ठहराने के लिए किया गया है।

अदालत ने अपने फैसले पर 4 जनवरी तक या अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले पर फैसला आने तक रोक लगा दी। कोलोराडो के अधिकारियों का कहना है कि इस मुद्दे को 5 जनवरी तक सुलझा लिया जाना चाहिए, जो राज्य के लिए अपने राष्ट्रपति पद के प्राथमिक मतपत्रों को मुद्रित करने की समय सीमा है।

अदालत के बहुमत की राय में कहा गया, "राष्ट्रपति ट्रम्प ने हमें यह मानने के लिए कहा है कि धारा 3 सबसे शक्तिशाली को छोड़कर हर शपथ तोड़ने वाले विद्रोही को अयोग्य ठहराती है और यह राज्य और संघीय दोनों, देश के सर्वोच्च कार्यालय को छोड़कर लगभग हर कार्यालय में शपथ तोड़ने वालों को प्रतिबंधित करती है।" इस फैसले में यह भी कहा गया की "दोनों परिणाम धारा 3 की स्पष्ट भाषा और इतिहास के साथ असंगत हैं।"

अदालत ने अपने 4-3 फैसले में लिखा, "अदालत के बहुमत का मानना ​​है कि ट्रम्प 14वें संशोधन की धारा 3 के तहत राष्ट्रपति पद संभालने के लिए अयोग्य हैं।"

विदित हो की कोलोराडो की सर्वोच्च अदालत ने एक जिला अदालत के न्यायाधीश के फैसले को पलट दिया, जिसमें पाया गया कि श्री ट्रम्प ने 6 जनवरी, 2021 को कैपिटल पर हुए हमले में अपनी भूमिका के लिए विद्रोह को उकसाया था।

वाशिंगटन में कोलोराडो मामले को लाने वाले वामपंथी समूह, सिटीजन्स फॉर रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड एथिक्स ने इस फैसले की सराहना की।

इसके अध्यक्ष नूह बुकबाइंडर ने एक बयान में कहा, "हमारा संविधान स्पष्ट रूप से कहता है कि जो लोग हमारे लोकतंत्र पर हमला करके अपनी शपथ का उल्लंघन करते हैं उन्हें सरकार में सेवा करने से रोक दिया जाता है।"

श्री ट्रम्प के अभियान प्रवक्ता स्टीवन चेउंग ने मंगलवार को एक बयान में कहा, "कोलोराडो सुप्रीम कोर्ट ने आज रात एक पूरी तरह से त्रुटिपूर्ण निर्णय जारी किया और हम तेजी से संयुक्त राज्य सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करेंगे और इस बेहद अलोकतांत्रिक फैसले पर रोक लगाने के लिए समवर्ती अनुरोध करेंगे।"

बता दें कि श्री ट्रम्प को धारा 3 के तहत अयोग्य ठहराने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर दर्जनों मुकदमे दायर किए गए हैं, जो कि गृह युद्ध के बाद पूर्व संघियों को सरकार में लौटने से रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह संविधान का "समर्थन" करने की शपथ लेने और फिर इसके खिलाफ "विद्रोह या विद्रोह में शामिल" होने वाले किसी भी व्यक्ति को पद से प्रतिबंधित करता है, और गृह युद्ध के बाद के दशक के बाद से इसका उपयोग केवल कुछ ही बार किया गया है।

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