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ओमिक्रॉन 2022 में विश्व स्तर पर प्रमुख स्ट्रेन बन जाएगा : 1918 की महामारी अब तक नहीं खत्म हुई : प्रोफेसर नताशा हॉवर्ड

📅 24 December 2021, 11:21 PM • ✍️ Paliwalwani • ⏱️ 5 मिनट में पढ़ें
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ओमिक्रॉन 2022 में विश्व स्तर पर प्रमुख स्ट्रेन बन जाएगा : 1918 की महामारी अब तक नहीं खत्म हुई : प्रोफेसर नताशा हॉवर्ड
ओमिक्रॉन 2022 में विश्व स्तर पर प्रमुख स्ट्रेन बन जाएगा : 1918 की महामारी अब तक नहीं खत्म हुई : प्रोफेसर नताशा हॉवर्ड

सिंगापुर :  स्वास्थ्य विशेषज्ञ एसोसिएट प्रोफेसर नताशा हॉवर्ड ने इंपीरियल कॉलेज के मॉडलिंग डेटा का हवाला देते हुए कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट पांच गुना ज्यादा संक्रामक है और यह डेल्टा के मुकाबले काफी खतरनाक दिख रहा है. ओमिक्रॉन का खतरा जैसे-जैसे बढ़ रहा है. इस नए वैरिएंट को लेकर नए अध्ययन भी सामने आ रहे हैं. अब सिंगापुर के विशेषज्ञों ने दावा किया है कि कोरोना का यह नया वैरिएंट डेल्टा से भी ज्यादा खतरनाक है. ओमिक्रॉन वैरिएंट ने अपनी प्रतिरक्षा को डेल्टा के मुकाबले मजबूत बनाया है और 2022 में यह पूरी तरह से दुनिया भर में फैल सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह दावा या भविष्यवाणी करना बेकार है कि 2022 तक इस महामारी पर काबू पा लिया जाएगा. दरअसल, सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉयरेक्टर जनरल टेड्रोस एडनॉम ने कहा था कि हम सब मिलकर 2022 तक इस महामारी को समाप्त कर देंगे. 

  • कब खत्म होगी महामारी, पता नहीं, भविष्यवाणी करना भी बेकार  : सिंगापुर की स्वास्थ्य विशेषज्ञ एसोसिएट प्रोफेसर नताशा हॉवर्ड का कहना है कि यह महामारी कब खत्म होगी. यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता. इस पर भविष्यवाणी करना भी बेकार है. क्योंकि, यह इस बात पर निर्भर करता है कि नए वैरिएंट कितना ज्यादा शक्तिशाली होकर हमारे सामने आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस वैरिएंट की प्रतिरक्षा को देखकर लगता है कि 2022 में ओमिक्रॉन विश्व स्तर पर प्रमुख स्ट्रेन बन जाएगा.
  • अस्पतालों में फिर से भीड़ बढ़ने की संभावना : डॉ. हॉवर्ड ने बताया कि डेल्टा या अब तक सामने आए वैरिएंट के मुकाबले ओमिक्रॉन में संक्रमण दर बहुत अधिक है. इसलिए, आने वाले समय में फिर से ज्यादा से ज्यादा लोग नए वैरिएंट से ग्रसित होंगे और अस्पताल में फिर से मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना है. विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक हम सभी पात्र लोगों तक वैक्सीन के दो खुराक के अलावा बूस्टर डोज की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं कर देते तब तक महामारी को नियंत्रित करने पर कुछ नहीं कहा जा सकता.   
  • आनुवांशिक रीढ़ बहुत अलग :  ड्यूक-एनयूएस मेडिकल स्कूल के इमर्जिंग इंफेक्शियस डिजीज प्रोग्राम के एसोसिएट प्रोफेसर एशले सेंट जॉन का कहना है कि कोरोना वायरस की एक महत्वपूर्ण व भयावह लहर का एक कारण ओमिक्रॉन भी होगा. क्योंकि, इस नए वैरिएंट की आनुवांशिक रीढ़ बहुत अलग है. हालांकि, इस पर अभी पर्याप्त डेटा उपलब्ध नहीं है और वैज्ञानिक अभी शोध कर रहे हैं.
  • 1918 की महामारी अब तक नहीं खत्म हुई :  सिंगापुर मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर मैनेजमेंट प्रैक्टिस के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ लिम वी किआट ने कहा कि महामारी कब खत्म होगी. इसका अनुमान लगाने की कोशिश करना बेकार है. क्योंकि, 1918 में फैली फ्लू महामारी वास्तव में कभी समाप्त ही नहीं हुई, अमेरिका के सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार 100 बीत जाने के बाद भी इन्फ्लूएंजा वायरस के मरीज अब भी सामने आते हैं.
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