इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्ला ठिकानों पर किया हमला : हूती सरकार के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी समेत कई बड़े नेता मारे गए
तेल अवीव. यमन की राजधानी सना गुरुवार को जोरदार धमाकों से गूंज उठी. इस हमले में हूती सरकार के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी समेत कई बड़े नेता मारे गए. शनिवार को हूती विद्रोहियों ने साफ शब्दों में कहा- ‘अब बदला लिया जाएगा.’ अल-रहावी हूती आंदोलन के अब तक के सबसे वरिष्ठ नेता थे, जिनका इस तरह अंत हुआ. उनकी मौत ने लाखों समर्थकों को हिला दिया है. हूती नेता महदी अल-मशात ने टीवी पर आकर आंसुओं से भरे शब्दों में कहा- ‘हम शहीदों के परिवारों से वादा करते हैं कि यह जख्म हमारी जीत बनेगा.’
हूती अधिकारियों के मुताबिक, जिस वक्त हमला हुआ, राजधानी सना में मंत्रियों की एक रूटीन वर्कशॉप चल रही थी. वे बीते साल के कामकाज की समीक्षा कर रहे थे और अपने गुप्त नेता का संदेश सुनने की तैयारी थी. इसी दौरान मिसाइलें बरस पड़ीं. हूती रक्षा मंत्री जनरल मोहम्मद नासिर अल-अतीफी ने तुरंत बयान देकर कहा कि उनका संगठन ‘किसी भी स्तर पर इस दुश्मनी का सामना करने के लिए तैयार है.’
हूतियों के लिए सबसे बड़ा झटका
हमले की पुष्टि करते हुए इज़रायल के रक्षा मंत्री इस्राइल कैट्ज ने कहा कि यह ‘हूती लीडरशिप को दिया गया अब तक का सबसे बड़ा झटका’ है. उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा- ‘हमने पहले ही चेतावनी दी थी, और अब उसे अंजाम दे दिया है.’ हूती विद्रोही बीते दो साल से फिलिस्तीन के समर्थन में लाल सागर में जहाजों को निशाना बना रहे हैं और कई बार इजरायल पर मिसाइलें भी दागी हैं. अधिकांश को इजरायल ने नाकाम कर दिया, लेकिन इस बार खेल बदलता दिख रहा है.
दरअसल, गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से इजरायल ने ईरान समर्थित गुटों को एक-एक कर निशाना बनाया है. तेहरान में हमास लीडर इस्माइल हनिया, बेरूत में हिज़्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह, और गाजा में याह्या सिनवार. अब पहली बार यमन में हूती नेतृत्व पर सीधा वार किया गया है.
यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि इसराइल के एक हमले में उनके प्रधानमंत्री अहमद ग़ालिब अल-रहावी की मौत हो गई है.
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