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दिल्ली

चुनाव आयोग ने दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि 2024 के आम चुनाव के सीसीटीवी फुटेज, अब उनके पास नहीं हैं और उन्हें नष्ट कर दिया

📅 14 November 2025, 01:19 AM • ✍️ paliwalwani • ⏱️ 3 मिनट में पढ़ें
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चुनाव आयोग ने दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि 2024 के आम चुनाव के सीसीटीवी फुटेज, अब उनके पास नहीं हैं और उन्हें नष्ट कर दिया
चुनाव आयोग ने दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि 2024 के आम चुनाव के सीसीटीवी फुटेज, अब उनके पास नहीं हैं और उन्हें नष्ट कर दिया

दिल्ली. भारतीय चुनाव आयोग ( ईसीआई) ने दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि 2024 के भारतीय आम चुनाव से संबंधित सीसीटीवी और वीडियो रिकॉर्डिंग - विशेष रूप से दिल्ली में सात जिला चुनाव अधिकारियों (डीईओ) के पास मौजूद - अब उनके पास नहीं हैं और उन्हें नष्ट कर दिया गया है।

न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा के समक्ष सुनवाई के दौरान, चुनाव आयोग के वकील ने कहा कि नष्ट करने की कार्रवाई आयोग द्वारा जारी संशोधित निर्देशों के अनुसार की गई है, जिसमें निर्दिष्ट किया गया है कि वेबकास्टिंग डेटा, मतदान केंद्र की तस्वीरें और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को केवल एक निश्चित अवधि तक ही संरक्षित किया जाना चाहिए, जब तक कि चुनाव याचिका दायर न की जाए।

यह मामला अधिवक्ता महमूद प्राचा द्वारा दायर एक याचिका से उत्पन्न हुआ है, जिसमें चुनाव प्रक्रिया से संबंधित सभी वीडियो और सीसीटीवी सामग्री को संरक्षित करने के निर्देश देने की मांग की गई है – जिसमें ईवीएम-वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तर की जाँच, सीलिंग और भंडारण भी शामिल है। प्राचा ने तर्क दिया कि निर्वाचन अधिकारियों के लिए चुनाव आयोग की 2023 की हैंडबुक में चुनाव संबंधी किसी भी शिकायत या कार्यवाही के लंबित रहने तक ऐसे डेटा को सुरक्षित रखने का आदेश दिया गया है।

अदालत ने ईसीआई की दलीलों पर गौर किया, दलीलें दर्ज कीं और अंतरिम आवेदन का फिलहाल निपटारा कर दिया, तथा मुख्य याचिका पर अगली सुनवाई 13 फरवरी, 2026 को तय की। न्यायमूर्ति पुष्करणा ने कहा कि याचिकाकर्ता ने 30 मई, 2025 के उस परिपत्र को चुनौती नहीं दी है जिसके तहत डेटा प्रतिधारण अवधि को संशोधित किया गया था।

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