Tuesday, 27 January 2026

दिल्ली

Budget Recap: वो ऐलान जिसने टैक्सपेयर्स को कर दिया था खुश, बजट 2026 से क्या हैं उम्मीदें?

Paliwalwani
Budget Recap: वो ऐलान जिसने टैक्सपेयर्स को कर दिया था खुश, बजट 2026 से क्या हैं उम्मीदें?
Budget Recap: वो ऐलान जिसने टैक्सपेयर्स को कर दिया था खुश, बजट 2026 से क्या हैं उम्मीदें?

Budget Recap 2026: देश की वित्त मंत्री 1 फरवरी 2026 को लगातार नौवीं बार आम बजट पेश करने जा रही हैं। बजट से पहले टैक्सपेयर्स की नजरें एक बार फिर आयकर से जुड़े ऐलानों पर टिकी हैं। इसकी बड़ी वजह है पिछले साल का बजट, जिसने करोड़ों सैलरीड और मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी थी।

फरवरी 2025 में पेश किए गए बजट में टैक्स स्लैब में बदलाव और न्यू टैक्स रिजीम के तहत बड़ी छूट का ऐलान हुआ था। इसका सीधा फायदा यह हुआ कि टैक्स बोझ कम हुआ और लोगों की जेब में ज्यादा पैसा बचा। यही वजह है कि बजट 2026 से भी टैक्स राहत की उम्मीदें लगाई जा रही हैं, हालांकि विशेषज्ञों की राय कुछ अलग है।

12 लाख तक की इनकम पर टैक्स फ्री का बड़ा ऐलान

पिछले बजट में सबसे बड़ा सरप्राइज तब मिला, जब न्यू टैक्स रिजीम के तहत 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर जीरो टैक्स का ऐलान किया गया। इस फैसले से सैलरीड क्लास में खुशी की लहर दौड़ गई।

स्टैंडर्ड डिडक्शन के 75,000 रुपये जोड़ने के बाद यह सीमा 12.75 लाख रुपये तक पहुंच गई। यानी महीने में औसतन 1 लाख रुपये कमाने वाला व्यक्ति पूरी तरह टैक्स फ्री हो गया। इस कदम से मिडिल क्लास को सीधी और बड़ी राहत मिली।

न्यू टैक्स स्लैब से हाई इनकम ग्रुप को भी फायदा

न्यू टैक्स रिजीम के तहत आयकर स्लैब को पूरी तरह से रिवाइज किया गया, जिससे टैक्स स्ट्रक्चर ज्यादा सरल और ग्रेजुअल हो गया।

नए स्लैब के मुताबिक—

  • 0 से 4 लाख रुपये: कोई टैक्स नहीं
  • 4 से 8 लाख रुपये: 5% टैक्स
  • 8 से 12 लाख रुपये: 10% टैक्स
  • 12 से 16 लाख रुपये: 15% टैक्स
  • 16 से 20 लाख रुपये: 20% टैक्स
  • 20 से 24 लाख रुपये: 25% टैक्स
  • 24 लाख रुपये से ऊपर: 30% टैक्स

इन बदलावों के चलते हाई इनकम ब्रैकेट वाले टैक्सपेयर्स को भी 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की सालाना बचत हुई।

नया इनकम टैक्स कानून, आसान नियमों की दिशा में कदम

पिछले बजट में एक और अहम फैसला लिया गया—नया इनकम टैक्स बिल 2025 पेश किया गया, जिसे बाद में संसद से मंजूरी मिल गई।

यह नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। 1961 का पुराना कानून जटिल और लंबा माना जाता रहा है, जबकि नए कानून में भाषा को सरल बनाया गया है। इससे टैक्स फाइलिंग आसान होगी और टैक्स से जुड़े विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है।

Budget 2026 से टैक्सपेयर्स को क्या उम्मीद?

पिछले साल 12 लाख तक टैक्स फ्री इनकम और नए स्लैब जैसे बड़े बदलावों के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार डायरेक्ट टैक्स में किसी बड़ी कटौती की संभावना कम है। सरकार टैक्स कलेक्शन को ध्यान में रखते हुए संतुलित रुख अपना सकती है।

हालांकि, महंगाई को देखते हुए टैक्स स्लैब में ऑटोमेटिक एनुअल एडजस्टमेंट जैसे सुझावों पर विचार हो सकता है, जिससे न्यू टैक्स रिजीम और आकर्षक बने। इसके अलावा टैक्सपेयर्स की मांग को देखते हुए ओल्ड टैक्स रिजीम में कुछ सुधार किए जाने की भी उम्मीद जताई जा रही है।

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