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भारत में मिले कोविड-19 के 4 नए वैरिएंट : 6500 एक्टिव केस, अब तक 65 मौत, केंद्र ने कहा- राज्य पर्याप्त ऑक्सीजन-बेड का इंतजाम रखें

📅 10 June 2025, 11:15 AM • ✍️ paliwalwani • ⏱️ 5 मिनट में पढ़ें
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भारत में मिले कोविड-19 के 4 नए वैरिएंट : 6500 एक्टिव केस, अब तक 65 मौत, केंद्र ने कहा- राज्य पर्याप्त ऑक्सीजन-बेड का इंतजाम रखें
भारत में मिले कोविड-19 के 4 नए वैरिएंट : 6500 एक्टिव केस, अब तक 65 मौत, केंद्र ने कहा- राज्य पर्याप्त ऑक्सीजन-बेड का इंतजाम रखें

नई दिल्ली.

देशभर में कोरोना वायरस के एक्टिव केसों की संख्या 6491 पहुंच गई है। बीते 24 घंटे में 358 नए केस सामने आए हैं। केरल में सबसे ज्यादा 1957 केस हैं। इसके बाद गुजरात में 980, पश्चिम बंगाल में 747 और दिल्ली में 728 एक्टिव मामले हैं।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जनवरी 2025 से अब तक 11 राज्यों में कोरोना से 65 मरीजों की मौत हुई हैं। इनमें से 58 मौतें बीते 10 दिन में हुई हैं। एक हफ्ते से हर दिन औसतन 5-6 की जान जा रही है। हालांकि, रविवार को एक भी मौत नहीं हुई है।

स्वास्थ्य विभाग के ऑफिशियल सोर्स के मुताबिक- कोरोना के बढ़ते केसों के बीच केंद्र सरकार तैयारियों की मॉक ड्रिल कर रहा है। सभी राज्यों को ऑक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और जरूरी दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

भारत में मिले कोविड-19 के 4 नए वैरिएंट 

भारत के कई राज्यों में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच देश में चार नए वैरिएंट मिले हैं। ICMR के डायरेक्टर डॉ. राजीव बहल ने बताया कि दक्षिण और पश्चिम भारत से जिन वैरिएंट की सीक्वेंसिंग की गई है, वे LF.7, XFG , JN.1 और NB.1.8.1 सीरीज के हैं।

बाकी जगहों से नमूने लेकर सीक्वेंसिंग की जा रही है, ताकि नए वैरिएंट की जांच की जा सके। मामले बहुत गंभीर नहीं हैं और लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए, बस सतर्क रहना चाहिए।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने भी इन्हें चिंताजनक नहीं माना है। हालांकि निगरानी में रखे गए वैरिएंट के रूप में कैटेगराइज किया है। चीन सहित एशिया के दूसरे देशों में कोविड के बढ़ते मामलों में यही वैरिएंट दिख रहा है।

NB.1.8.1 के A435S, V445H, और T478I जैसे स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन अन्य वैरिएंट की तुलना में तेजी से फैलते हैं। इन पर कोविड के खिलाफ बनी इम्यूनिटी का भी असर नहीं होता।

भारत में कोविड का JN.1 वैरिएंट सबसे आम है। टेस्टिंग में आधे से ज्यादा सैंपल में यह वैरिएंट मिलता है। इसके बाद BA.2 (26 प्रतिशत) और ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20 प्रतिशत) वैरिएंट के मामले भी मिलते हैं।

JN.1 वैरिएंट इम्यूनिटी कमजोर करता है​​​​​ JN.1, ओमिक्रॉन के BA2.86 का एक स्ट्रेन है। इसे अगस्त 2023 में पहली बार देखा गया था। दिसंबर 2023 में WHO ने इसे 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' घोषित किया। इसमें करीब 30 म्यूटेशन्स हैं, जो इम्यूनिटी कमजोर करते हैं।

अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार JN.1 अन्य वैरिएंट की तुलना में ज्यादा आसानी से फैलता है, लेकिन यह बहुत गंभीर नहीं है। दुनिया के कई हिस्सों में यह सबसे आम वैरिएंट बना हुआ है।

JN.1 वैरिएंट के लक्षण कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक रह सकते हैं। अगर आपके लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो हो सकता है कि आपको लंबे समय तक रहने वाला कोविड हो। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें COVID-19 के कुछ लक्षण ठीक होने के बाद भी बने रहते हैं

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