भोपाल
भोपाल में ऐतिहासिक महासम्मेलन “संविधान बचाओ, समाज बचाओ” : 20 सूत्रीय मांगों पर सरकार को अल्टीमेटम, बड़े आंदोलन की चेतावनी
paliwalwani
भोपाल.
भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित हुआ, जहां प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हजारों लोग पहुंचे। इस महासम्मेलन का मकसद था-एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के अधिकारों को लेकर सरकार को चेताना और 20 सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा कराने का दबाव बनाना।
आगे की रणनीति
संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने बताया कि अगर सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानीं, तो :
- जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन.
- संभाग स्तर पर रैली.
- राजधानी में फिर से बड़ा आंदोलन.
- जरूरत पड़ी तो अनिश्चितकालीन आंदोलन.
- की रणनीति तैयार है.
यह आयोजन सिर्फ एक सभा नहीं था, बल्कि यह सामाजिक न्याय, बराबरी और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक बन गया। भोपाल में ऐतिहासिक महासम्मेलन. भोपाल के भेल दशहरा मैदान में सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया था। अलग-अलग जिलों से बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों से लोग पहुंचे। हाथों में तख्तियां, बैनर और पोस्टर थे, जिन पर लिखा था.
“हमारे अधिकार हमें दो”,“आरक्षण हमारा हक है”,
“संविधान बचाओ, समाज बचाओ”
महासम्मेलन में संयुक्त संघर्ष मोर्चा के कई बड़े नेता मंच पर मौजूद रहे। मंच से एक के बाद एक वक्ताओं ने समाज की समस्याएं रखीं और सरकार को साफ संदेश दिया अगर अब भी मांगे पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और तेज होगा। इस महासम्मेलन में यह साफ दिखा कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहता है।
संतोष वर्मा के समर्थन में मोर्चा इस महासम्मेलन में आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा भी मंच पर दिखाई दिए। कई नेताओं ने कहा कि संतोष वर्मा के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। नेताओं का कहना था कि संतोष वर्मा समाज के हित में बोलते हैं और जो भी उन्होंने कहा, वह सामाजिक न्याय के पक्ष में था। संयुक्त मोर्चा ने साफ कहा कि संतोष वर्मा पर की गई कार्रवाई तुरंत वापस ली जाए।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा की 20 सूत्रीय मांगें
MP SC ST OBC Mahasammelan में सरकार के सामने जो प्रमुख मांगें रखी गईं, उनमें शामिल हैं.
- ओबीसी वर्ग को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण
- सभी रिक्त और बैकलॉग पदों पर शीघ्र भर्ती
- पदोन्नति में ओबीसी वर्ग को आरक्षण
- निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करना
- संविदा कर्मचारियों के लिए आरक्षण
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली
- शिक्षा संस्थानों में आरक्षण का सख्त पालन
- छात्रवृत्ति समय पर देना
- हॉस्टल और छात्रावास की बेहतर सुविधा
- संवैधानिक संस्थाओं में प्रतिनिधित्व
- पंचायत से लेकर विधानसभा तक भागीदारी
- आरक्षण विरोधी नियमों को खत्म करना
- बैकलॉग की सालाना समीक्षा
- विशेष भर्ती अभियान
- आरक्षित वर्ग के लिए कौशल विकास
- रोजगार मेले का आयोजन
- न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व
- आरक्षण पर स्पष्ट नीति
- सामाजिक न्याय मंत्रालय को मजबूत करना
- आईएएस संतोष वर्मा पर की गई कार्रवाई वापस लेना





