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Google Airtel Deal : 30 करोड़ यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी, इस तरह मिलेगा यूज़र्स को फायदा

📅 29 January 2022, 10:23 AM • ✍️ Paliwalwani • ⏱️ 7 मिनट में पढ़ें
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Google Airtel Deal : 30 करोड़ यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी, इस तरह मिलेगा यूज़र्स को फायदा
Google Airtel Deal : 30 करोड़ यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी, इस तरह मिलेगा यूज़र्स को फायदा

अगर आप भी अभी तक फीचर फोन यूज कर रहे हैं लेकिन स्मार्टफोन पर स्विच होने का प्लान कर रहे हैं, तो सही समय आने वाला है। गूगल-एयरटेल डील का 30 करोड़ ऐसे यूजर्स को फायदा होगा जो अभी तक फीचर फोन यूज कर रहे हैं। जानिए एक्सपर्ट्स का इस बारे में क्या कहना है। दरअसल, एक्सपर्ट्स ने कहा कि गूगल डील एयरटेल को ऐसे स्मार्टफोन्स के साथ आने की अनुमति देगा जो नई सर्विसेस के कस्टमाइज्ड सॉफ्टवेयर के साथ आते हैं। इससे कंपनी को फीचर फोन से स्मार्टफोन पर शिफ्ट होने वाले ग्राहकों को लुभाने में बड़ी मदद मिलेगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि एयरटेल को अपने हार्डवेयर पार्टनर्स पर निर्भर रहना होगा ताकि डिवाइस की ओवरऑल डिवाइस अफोर्डेबिलिटी को बेहतर किया जा सके, जो ऐसे समय में चुनौतीपूर्ण हो सकता है, दुनियाभर में सप्लाई चेन इश्यू बना हुआ है।

एयरटेल को लाना होगा किफायती स्मार्टफोन

सीएमआर में इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप हेड प्रभु राम ने एक इंटरव्यू में कहा, “भारत के फर्स्ट टाइम डिजिटल कंज्यूमर्स को स्थानीय भाषाओं में डिजिटल मेनस्ट्रीम से जोड़ने में सक्षम बनाने के लिए, किफायती स्मार्टफोन महत्वपूर्ण हैं। यह वह जगह है जहां एयरटेल को भारत की अनूठी चुनौतियों को हल करने में गूगल से सॉफ्टवेयर विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा।”

राम ने कहा- एयरटेल को गूगल की सॉफ्टवेयर विशेषज्ञता का लाभ होना, यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि एयरटेल अपने हार्डवेयर पार्टनर्स के साथ कैसे काम करता है ताकि ओवरऑल डिवाइस अफोर्डेबिलिटी को बेहतर किया जा सके।”

काउंटरपॉइंट रिसर्च के तरुण पाठक ने कहा कि एयरटेल और गूगल एंड्रॉइड वन जैसी रणनीति के लिए अप्रत्यक्ष दृष्टिकोण अपना सकते हैं। “एंट्री लेवल के फोन अच्छी तरह से बिक सकते हैं, यह एक ऑपरेटर के माध्यम से लॉक इन होने और डेटा बंडलिंग के साथ ईएमआई में भुगतान करने के माध्यम से है।”  एयरटेल भी चीनी खिलाड़ियों के साथ सॉफ्ट-सिम बंडलिंग साझेदारी के साथ आ सकता है। जियोफोन नेक्स्ट स्मार्टफोन इसका ताजा उदाहरण है। दरअसल, हार्डवेयर को क्रैक करना मुश्किल है, इसलिए गूगल की मदद से ओईएम के साथ साझेदारी एयरटेल के लिए एक बेहतर मार्ग है।”

करोड़ों ग्राहकों को 4G में बदलना बड़ी चुनौती

मुंबई स्थित एक वरिष्ठ टेलीकॉम एनालिस्ट के अनुसार, तीन दूरसंचार कंपनियों को अगले 10 करोड़ से 15 करोड़ ग्राहकों को 4G में बदलने में मुश्किल हो रही है “कोई फर्क नहीं पड़ता कि टेलीकॉम क्या कहते हैं, अफोर्डेबिलिटी एक बड़ी बाधा है क्योंकि एक पूरा परिवार अपने फोन और प्राइस प्लान को अपग्रेड नहीं कर रहा है। कम आय वाले समूहों में यह आमतौर पर कमाई करने वाला व्यक्ति होता है जो हाई प्राइस प्लान की ओर जाता है। प्रीपेड टैरिफ बढ़ गए हैं साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी खर्च बढ़ गया है, जिसका मतलब है कि मोबाइल फोन पर कम खर्च। डेटा की खपत में बढ़ोतरी का मतलब 4G चार्ट को ऊपर ले जाना नहीं है।”

30 करोड़ यूजर्स को लुभाने का लक्ष्य

काउंटरप्वाइंट के अनुमानों के अनुसार, भारत का फीचर फोन यूजर बेस लगभग 30 करोड़ है। तीनों टेलीकॉम ऑपरेटर इन फीचर फोन यूजर्स को बंडल ऑफरिंग की मदद से अपने 4G नेटवर्क और स्मार्टफोन की ओर आकर्षित करने का लक्ष्य बना रहे हैं।

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