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आमेट न्यूज़ : आमेट महावीर भवन में चातुर्मास प्रवचन : 'क्षमा वाणी'

📅 09 September 2024, 01:47 AM ✍️ M. Ajnabee, Kishan paliwal ⏱️ 4 मिनट में पढ़ें
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आमेट न्यूज़ : आमेट महावीर भवन में चातुर्मास प्रवचन : 'क्षमा वाणी'
आमेट न्यूज़ : आमेट महावीर भवन में चातुर्मास प्रवचन : 'क्षमा वाणी'

आमेट. जैन स्थानक मे साध्वी विनीत रूप  प्रज्ञा ने कहा क्षमा आत्मा का स्वभाव है, किंतु हम हमेशा क्रोध को स्वभाव मान कर उसकी अनिवार्यता पर बल देते आए हैं। क्रोध को यदि स्वभाव कहेंगे तो वह आवश्यक हो जाएगा, इसीलिए जैन आगमों में क्रोध को विभाव कहा गया है, स्वभाव नहीं।

'क्षमा' शब्द 'क्षम' से बना है, जिससे 'क्षमता' भी बनता है। क्षमता का मतलब होता है सामथ्र्य और क्षमा का मतलब है किसी की गलती या अपराध का प्रतिकार नहीं करना। क्योंकि क्षमा का अर्थ सहनशीलता भी है। क्षमा कर देना बहुत बड़ी क्षमता का परिचायक है। इसीलिए नीति में कहा गया है -'क्षमावीरस्य भूषणं' अर्थात क्षमा वीरों का आभूषण है।

साध्वी डॉ चन्द्र प्रभा ने कहा कि

'क्षमा वाणी' उत्तम क्षमा का व्यावहारिक रूप है। वचनों से अपने मन की बात को कहकर जिनसे बोलचाल बंद है, उनसे भी क्षमा याचना करके बोलचाल प्रारंभ करना अनंत कषाय को मिटाने का सर्वोत्तम साधन है। संवादहीनता जितना वैर को बढ़ाती है उतना कोई और नहीं। अत: चाहे कुछ भी हो जाए, संवाद का मार्ग कभी भी बंद न होने दें। संवाद बचा रहेगा तो क्षमा की सभी संभावनाएं जीवित रहेंगी।

साध्वी चन्दन बाला ने कहा कि क्षमा पर्व। इस दिन श्रावक (गृहस्थ) और साधु दोनों ही वार्षिक प्रतिक्रमण करते हैं। पूरे वर्ष में उन्होंने जाने या अनजाने यदि संपूर्ण ब्रह्मांड के किसी भी सूक्ष्म से सूक्ष्म जीव के प्रति यदि कोई भी अपराध किया हो, तो उसके लिए वह उनसे क्षमा याचना करता है। अपने दोषों की निंदा करता है और कहता है- 'मिच्छामी दुक्कडं' अर्थात् मेरे सभी दुष्कृत्य मिथ्या हो जाएं।

साध्वी आनन्द प्रभा ने कहा कि

क्षमा दिवस पर जीव सभी जीवों को क्षमा करते हैं, सबसे क्षमा याचना करते हैं और कहते हैं मेरे दुष्कृत्य मिथ्या हों तथा मेरा किसी से भी बैर नहीं है। वे प्रायश्चित भी करते हैं। इस प्रकार वह क्षमा के माध्यम से अपनी आत्मा से सभी पापों को दूर करके,उनका प्रक्षालन करके सुख और शांति का अनुभव करते हैं।

मिडिया प्रभारी प्रकाश चंद्र बड़ोला एवं मुकेश सिरोया ने बताया कि धर्म सभा मे मुमुक्ष मानवी आंचलिया भी पधारी जिनकी 16 तारीख को दीक्षा होने जा रही है । श्री चंदनबाला महिला मंडल ने आपका स्वागत अभिनंदन किया आज धर्म सभा का संचालन  नरेंद्र बडोला ने किया और सभी श्री संघ ने एक दूसरे से क्षमा याचना मांगी मिच्छामी दुक्कडं से स्थानक गूंज उठा । इस अवसर पर छोटे बालक-बालिकाओ एवं महिला मण्डल ने नाटिका प्रस्तुत की । इस अवसर पर श्रावक-श्राविकाओं कि अच्छी उपस्थिति रही ।

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