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वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय युद्ध और तनाव के समय भारत के नागरिकों का कर्तव्य
sunil paliwal-Anil Bagora
वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय युद्ध और तनाव के समय भारत के नागरिकों का कर्तव्य (जबकि भारत सीधे युद्ध में शामिल नहीं है)
1) घबराहट से बचें-
भारत वर्तमान युद्ध में शामिल नहीं है, इसलिए अनावश्यक डर या घबराहट फैलाना उचित नहीं है।
2) पैनिक बाइंग (अनावश्यक भंडारण) न करें-
गैस सिलेंडर, पेट्रोल, डीज़ल, राशन आदि की जरूरत से ज्यादा खरीदारी न करें। इससे बाजार में कृत्रिम कमी हो सकती है।
3) संसाधनों का संयमित उपयोग करें-
पेट्रोल, डीज़ल, गैस, बिजली और पानी का उपयोग समझदारी से करें, ताकि देश के संसाधनों पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
4) अफवाहों से सावधान रहें-
सोशल मीडिया पर आने वाली अपुष्ट खबरों को बिना जांचे-परखे शेयर न करें। केवल सरकारी और विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करें।
5) सरकार और प्रशासन के निर्णयों का सम्मान करें-
अभी वर्तमान परिस्थिति में मोदी सरकार द्वारा बहुत ही समझ बुझ के साथ कूटनीतिक एवं आर्थिक कदम उठाये जा रहे है। इस बात को समझने और सहयोग करने की अन्य राजनीतिक दलों के साथ जिम्मेदारी नागरिकों की भी है।
6) राष्ट्रीय एकता बनाए रखें-
ऐसे समय में जाति, धर्म, भाषा या राजनीति के आधार पर विवाद पैदा करना देशहित में नहीं है।
7) देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत रखें-
ईमानदारी से अपना काम करना, करों का भुगतान करना और आर्थिक अनुशासन बनाए रखना भी अप्रत्यक्ष रूप से राष्ट्र सेवा है।
8) सकारात्मक और जिम्मेदार नागरिक बनें-
देश और समाज में शांति, सहयोग और परिपक्वता का वातावरण बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है।
9) बड़े आयोजन न करें-
बड़ी पार्टियां, सोशल एक्टिविटीज, भोजन भंडारे, बड़ी यात्राओं पर नियंत्रण रखें।
10) अंतरराष्ट्रीय ट्रेड पर नियंत्रण रखें-
सोना चांदी या अन्य आइटम्स जिनके रेट्स इंटरनेशनल लेवल पर डिसाइड होते है का बिजनेस अवॉइड करें।
संदेश-
भारत इस युद्ध में शामिल नहीं है, इसलिए नागरिकों को घबराने की नहीं बल्कि जिम्मेदारी, संयम और परिपक्वता दिखाने की आवश्यकता है। एक जागरूक और अनुशासित समाज ही किसी भी चुनौती का सबसे मजबूत उत्तर होता है।





