📅 Tuesday, 15 September 2026 | 03:45 AM IST
लाइव सेंसेक्स: 74,781.76 ▼ -120.83 (-0.16%) निफ्टी 50: 23,398.10 ▼ -79.70 (-0.34%) 🪙 सोना 24K (10g): ₹153,450 🥈 चांदी (1kg): ₹237,800 ☁️ उज्जैन: 23°C (बादल छाए रहेंगे)
मुम्बई

मुंबई में देर रात सड़क पर घूमना कोई अपराध नहीं है : कोर्ट ने सुनाया ये फैसला

📅 20 June 2022, 04:10 PM ✍️ Paliwalwani ⏱️ 3 मिनट में पढ़ें
शेयर करें:
WhatsApp Facebook Twitter Telegram Instagram
मुंबई में देर रात सड़क पर घूमना कोई अपराध नहीं है  : कोर्ट ने सुनाया ये फैसला
मुंबई में देर रात सड़क पर घूमना कोई अपराध नहीं है : कोर्ट ने सुनाया ये फैसला

मुंबई : मुंबई जैसे शहर में, रात में कर्फ्यू न होने पर देर रात सड़क पर घूमना कोई क्राइम नहीं है, यहां की एक लोकल अदालत ने एक 29 वर्षीय शख्स को बरी करते हुए ये टिप्पणी की है. बता दें कि पुलिस ने शख्स को सड़क पर संदिग्ध परिस्थितियों में बैठा हुआ मिलने पर केस दर्ज किया था.

16 जून को शख्स को कोर्ट ने किया था बरी

पीटीआई के अनुसार, पुलिस ने सुमित कश्यप नाम के शख्स को संदिग्ध परिस्थितियों में सड़क पर बैठे रहने को लेकर मामला दर्ज किया था. पुलिस ने उसके खिलाफ 13 जून को मामला दर्ज किया था और गिरगांव मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने 16 जून 2022 को उसे बरी करने का आदेश पारित कर दिया. 

मजिस्ट्रेट ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूतों के आधार पर अदालत के लिए यह मानना ​​मुश्किल था कि आरोपी अपराध करने के लिए अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहा था. 

बता दें कि पुलिस ने दावा किया था कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले कश्यप ने दक्षिण मुंबई में सड़क पर बैठा हुआ मिला था और वह अपना चेहरा रूमाल से ढकने की कोशिश कर रहा था.

पुलिस ने धारा 122 (बी) के तहत मामला दर्ज था

पुलिस ने शख्स के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 122 (बी) के तहत मामला दर्ज किया था. इस धारा के तहत पुलिस के पास सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ अपराध करने के इरादे से अपना चेहरा ढकने या अन्यथा छिपाने के लिए मामला दर्ज करने का प्रावधान है.

कोर्ट ने क्या कहा...?

मजिस्ट्रेट नदीम पटेल ने कहा, "आरोपी को मुंबई में लगभग 1.30 बजे गिरफ्तार किया गया था.मुंबई जैसे शहर में, 1.30 बजे भी देर नहीं होती है और कोई भी सड़क पर खड़ा हो सकता है. इसलिए इसे इरादे से पहचान छिपाने के लिए नहीं कहा जा सकता है. और यह कोई अपराध नहीं है. अदालत ने पुलिस के इस मामले को स्वीकार करने से इनकार कर दिया कि वह व्यक्ति रूमाल से अपना चेहरा ढककर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहा था. अदालत ने कश्यप को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष संदेह से परे आरोपी के अपराध को साबित करने में विफल रहा है.

📲

पालीवाल वाणी WhatsApp चैनल से जुड़ें

ताज़ा ब्रेकिंग न्यूज़ और समाज के सभी समाचार सबसे पहले अपने फोन पर पाएं।

चैनल से जुड़ें →

संबंधित खबरें

सभी देखें →
WhatsApp हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें