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मन्दसौर / धार्मिक वाणी : संत श्री रोटीराम महाराज ग्रामीण गौशाला में हुआ श्रीराम एवं श्रीकृष्ण का जन्म : अपर्णा जी नागदा मेनारिया

धार्मिक वाणी : संत श्री रोटीराम महाराज ग्रामीण गौशाला में हुआ श्रीराम एवं श्रीकृष्ण का जन्म : अपर्णा जी नागदा मेनारिया
Pulkit Purohit-Ayush Paliwal February 25, 2021 12:12 AM IST

मंदसौर । भगवान श्रीराम एवं भगवान श्री कृष्ण का हुआ जन्मोत्सव पर अपर्णा जी नागदा मेनारिया ने सुनाई भागवत कथा में श्री राम जन्म की कथा तथा श्री कृष्ण जन्मोत्सव की सारी राशि अपर्णा जी ने गौशाला के निमित्त दान कर दी। मन ही हैं जो मोक्ष व बंधन में व्यक्ति को बांधता है। मनुष्य अगर ईश्वर की शरण में चला जाता है तो उसे मोक्ष मिलता है और अगर सांसारिक मोह माया में उलझ जाता है तो बंधन में बंध जाता है। यह बात कदम आश्रम बेहपुर, चांदाखेड़ी खजुरिया सारंग नगर के मध्य में संत श्री रोटीराम जी महाराज ग्रामीण गौशाला .में चल रही भागवत कथा के चतुर्थ दिन कथावाचक अपर्णा जी नागदा मेनारिया ने कही। साथ ही उन्होंने विस्तार से श्रद्धालुओं को राम जन्म एवं कृष्ण जन्म की कथा सुनाई। एवं भजनों पर भक्त जन झूम उठे। इस दौरान अपर्णा जी ने भजन के माध्यम से कहा इसे श्रवण कर मिट जाती है जनम-जनम की व्यथा यह श्रीराम कथा जय श्रीराम कथा। 

● संसार में जितने भी असुर उत्पन्ना हुए सभी ने ईश्वर के अस्तित्व को नकार दिया 

अपर्णा जी ने बताया कि अधर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो लेकिन धर्म के मार्ग पर चलने वाले के आगे अधिक समय तक नहीं टिक सकता। इसके साथ ही उन्होंने भगवान श्रीराम जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि जब अयोध्या में भगवान श्रीराम का जन्म होने वाला था तब समस्त अयोध्या नगरी में शुभ कार्य होने लगे। भगवान राम का जन्म होने पर अयोध्या नगरी में खुशी का माहौल हो गया। चारों ओर मंगल गान होने लगे। अपर्णा जी ने कहा कि आज का व्यक्ति ईश्वर की सत्ता को मानने से भले ही इंकार कर दे, लेकिन एक न एक दिन उसे ईश्वर की महत्ता को स्वीकार करना ही पड़ता हैं। संसार में जितने भी असुर उत्पन्ना हुए सभी ने ईश्वर के अस्तित्व को नकार दिया और स्वयं भगवान बनने का ढोंग करने लगे, लेकिन जब ईश्वर ने अपनी सत्ता की एक झलक दिखाई तो सभी का अस्तित्व धरा से ही समाप्त हो गया। अधर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो लेकिन धर्म के मार्ग पर चलने वाले के आगे अधिक समय तक नहीं टिक सकता। 

● जीवन में विपत्तियां आ रही है, अब उनके अच्छे दिन आने वाले हैं

अपर्णा जी ने कहा कि जिस व्यक्ति के जीवन में विपत्तियां आ रही हैं, वो व्यक्ति धैर्य रखें। क्योंकि अब उनके अच्छे दिन आने वाले हैं। कोई व्यक्ति कितना भी बड़ा या फिर छोटा हो। हर व्यक्ति के जीवन में एक बार विपत्तियां आती हैं। उन्होंने कहा कि प्रभुश्रीराम के जीवन में भी विपत्तियां आई थीं। उन्हें भी अपने जीवन में 14 साल तक वनवास भोगा है। इसलिए व्यक्तियों को विपत्ती से घबराना नहीं है, बल्कि उनका डटकर सामना करना है। विपत्तियों को बड़ा समझोगे तो वे आप पर हावी होंगी, लेकिन उनका धैर्य से सामना करोगे तो विपत्तियों में भी सुख की अनुभूती होगी। 

● जन्मोत्सव पर पूरा पंडाल महल उठा फूलों से

इसी बीच राजा श्रीराम जी का जन्म हुआ ओर सभी ग्रामवासियो ने झूम-झूम कर नृत्य किया और श्रीराम जी के जन्म के जयकारे लगने लगे। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। जन्मोत्सव की उमंग के साथ पूरे पंडाल को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया। पंडाल में मौजूद सैकड़ों श्रोताओं ने नाच-गाकर भगवान श्रीकृष्ण का स्वागत किया। भगवान कृष्ण के जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान कृष्ण ने देवकी-वासुदेव की आठवीं संतान के रूप में जन्म लिया। अपर्णा जी मेनारिया ने कहा व्यक्ति अगर कठिनाइयों की बेड़ियों में भी क्यों न जकड़े हो, भगवान को खोजने के लिए उन्हें कहीं जाना नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा कि जीवन के छह शत्रु है। काम, क्रोध, मद, लोभ, मोह और अहंकार। जब हमारे अंदर यह छह शत्रु समाप्त हो जाते हैं, तो सातवें संतान के रूप में शेषजी जो काल के प्रतीक है वो काल फिर मनुष्य के जीवन में आना भी चाहे, तो भगवान अपने योग माया से उस काल का रास्ता बदल देते हैं। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के मौके पर अपर्णा जी ने नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, हाथी-घोड़ा-पालकी, जय कन्हैया लाल की जयकारों से पूरा पंडाल गूंज गया। इस दौरान भागवत कथा में भगवान श्रीराम अवतार की कथा का वर्णन भी श्रोताओं को सुनाया गया।

● भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही टूट गए जेल के ताले, सो गए पहरेदार

अपर्णा जी ने बताया कि जब भगवान कृष्ण का जन्म हुआ, तो जेल के ताले टूट गए और पहरेदार गहरी नींद में सो गए और देवकी और वासुदेव बंधन मुक्त हो गए। जब वासुदेव भगवान कृष्ण को सिर पर रखकर यमुना पार कर रहे थे, तब यमुना भी उनके चरण छूने के लालायित थी। अपर्णा जी नागदा मेनारिया जी ने कहा कि हर युग में पाप एवं अत्याचार के अंत के लिए भगवान अवतार लेते हैं। इसलिए कलयुग में भी भगवान भक्तों के  कष्ट दूर करने जरूर अवतार लेंगे कथा में ग्रामीण सहित आस पास की जनता भी उपस्थित रहे व  अतिथियों द्वारा महा आरती में भाग लेकर उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरण कराई गई। कथा श्रवण करने आप सभी अवश्य पधारे... श्री अपर्णा अमृत सेवा तीर्थ शामगढ।

Pulkit Purohit-Ayush Paliwal

पालीवाल वाणी ब्यूरों-Pulkit Purohit-Ayush Paliwal...✍️

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