मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश से 10000 से ज्यादा सैनिक होंगे लाभान्वित
रफीक खान
मध्य प्रदेश.
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला करते हुए होमगार्ड सैनिकों को बड़ी राहत प्रदान की है। कॉल ऑफ प्रक्रिया के जरिए होमगार्ड सैनिकों को साल भर में 2 महीने के लिए नौकरी से रोक दिया जाता था, जिसके चलते सैनिकों को काफी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था।
इस झंझट को लेकर अनेक बार होमगार्ड सैनिक ने प्रदर्शन, आंदोलन, विरोध और मांग की लेकिन कोई निर्णय सरकार द्वारा नहीं किया जा सका। हाई कोर्ट ने प्रदेश के करीब 10000 होमगार्ड सैनिकों की इस मांग पर अपना फैसला सुनाया। होमगार्ड को अब कॉल ऑफ प्रक्रिया का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा होमगार्ड को वर्ष 2020 से पूरा वेतन भी प्रदान किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि होमगार्ड जवानों से साल भर में 10 महीने ही काम लिया जाता था। मध्य प्रदेश के होमगार्ड दो माह बेरोजगारों जैसी जिंदगी गुजारने मजबूर थे। लंबे समय से होमगार्ड कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। हाई कोर्ट में करीब 500 याचिकाएं दायर की गई थी। 2011 में दायर एक याचिका की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से होमगार्डों के लिए सेवा नियम बनाने को कहा था कि उनकी सेवाओं में कोई अंतराल नहीं होना चाहिए।
राज्य सरकार ने इस आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील की थी, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश को बरकरार रखा था। राज्य सरकार ने 2016 में होमगार्डों के लिए सेवा नियम बनाए और हर साल दो महीने की अनिवार्य "कॉल ऑफ" अवधि का प्रावधान किया। हर साल "कॉल ऑफ" अवधि के प्रावधान के खिलाफ मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में कई याचिकाएं दायर की गईं।
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