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मध्य प्रदेश

उच्च श्रेणी शिक्षक के ट्राइबल छात्रावास से ट्रांसफर को उच्च न्यायालय ने स्टे किया

📅 28 June 2025, 01:47 AM ✍️ sunil paliwal-Anil Bagora ⏱️ 5 मिनट में पढ़ें
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उच्च श्रेणी शिक्षक के ट्राइबल छात्रावास से ट्रांसफर को उच्च न्यायालय ने स्टे किया
उच्च श्रेणी शिक्षक के ट्राइबल छात्रावास से ट्रांसफर को उच्च न्यायालय ने स्टे किया

जबलपुर. श्री भगत राम सर्वे, महाविद्यालयीन बालक आदिवासी छात्रावास, लखनादौन, जिला सिवनी में छात्रावास अधीक्षक के रूप में पदस्थ हैं। मूलतः वे उच्च श्रेणी शिक्षक है एवं उत्कृष्ट बालक आदिवासी छात्रावास, लखनादौन में, ट्रांसफर के द्वारा उनकी पदस्थापना की गई थी। सीनियरिटी के आधार पर श्री सर्वे को महाविद्यालयीन बालक आदिवासी छात्रावास, लखनादौन, जिला सिवनी में छात्रावास अधीक्षक का करेंट चार्ज/प्रभार दिया गया था। 

अचानक दिनांक 16/04/2025 को सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सिवनी के द्वारा, कथित रूप से यह कहकर , श्री भगत राम सर्वे, माध्यमिक विद्यालय, चीला चांद में अपनी मूल संस्था में, शैक्षणिक कार्य संपादित करेंगे। जबकि , उनकी मूल संस्था , उत्कृष्ट बालक आदिवासी छात्रावास लखनादौन थी। 

श्री भगत राम सर्वे उच्च श्रेणी शिक्षक के स्थान पर श्री संत राम सहलाम, प्राथमिक शिक्षक को, महाविद्यालयीन बालक आदिवासी छात्रावास, लखनादौन का प्रभार, आदेश दिनांक 16/04/25 को ही दिया गया था। जबकि उनके पास पूर्व से एक और छात्रावास का चार्ज था। 

श्री भगत राम सर्वे द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर के समक्ष रिट याचिका दायर कर, आदेश दिनांक 16/04/25 के विरुद्ध स्टे मांगा था। उनके द्वारा छात्रावास अधीक्षक का प्रभार वापस, लिए जाने पर स्थगन चाहा गया था। 

श्री सर्वे की ओर से, उच्च न्यायालय जबलपुर में पैरवी करने वाले वकील श्री अमित चतुर्वेदी ने कोर्ट में प्रस्तुत तर्क के दौरान , कोर्ट को बताया कि वस्तुतः श्री भगत राम सर्वे,  श्री संत राम सहलाम, जो कि मूल रूप से प्राथमिक शिक्षक हैं, से सीनियर हैं। अतः,  सामान्य प्रशासन विभाग के आदेशों के अनुसार, श्री सर्वे प्रभार में रहने में योग्य हैं।

इसके अलावा, जिस स्थान पर, श्री सर्वे को शैक्षणिक कार्य करने के लिए, आदेशित किया है, वह संस्था उनकी मूल संस्था नहीं है। अतः सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, सिवनी द्वारा, श्री सर्वे के ट्रांसफर का प्रयास किया गया है। ट्रांसफर की विहित प्रक्रिया के विरुद्ध, श्री सर्वे का ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है। 

सुनवाई के बाद, हाई कोर्ट जबलपुर ने, संभागीय उपायुक्त, जबलपुर को वरिष्ठ अधिकारी होने के कारण, आदेशित करते हुए , कहां है कि वे, प्रकरण की जांच और निरारकण करें। स्टे आदेश जारी करते हुए, कोर्ट ने श्री भगत राम सर्वे, अधीक्षक के रूप में, महाविद्यालयीन बालक आदिवासी छात्रावास लखनादौन में  श्री भगत राम सर्वे को अधीक्षक के रूप में कार्य करने की अनुमति दी है। 

तदानुसार, याचिका का अंतिम निराकरण कर दिया गया हैं। याचिकाकर्ता श्री भगत राम सर्वे,  अधीक्षक  छात्रावास,  की ओर से उच्च न्यायालय जबलपुर में उच्च न्यायालय जबलपुर के अधिवक्ता श्री अमित चतुर्वेदी (9827727611) (8085937660) द्वारा पैरवी की गई।

 

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