इंदौर
इंदौर RTO को बम से उड़ाने की धमकी, पूरे दफ्तर में मचा हड़कंप : धमकी फर्जी निकली
paliwalwani
इंदौर.
इंदौर और मंडला में एक के बाद एक मिली बम धमाकों की धमकी ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं. इंदौर RTO में '15 साइनाइड गैस बम' होने के ईमेल के बाद हड़कंप मच गया. हालांकि, तलाशी के बाद यह धमकी फर्जी निकली.
शहर के आरटीओ कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सोमवार को पूरे परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई। यह धमकी एक संदिग्ध ईमेल के जरिए दी गई, जिसके सामने आते ही कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद तेजाजी नगर थाना पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
सायनाइड से उड़ाने की धमकी
बताया जा रहा है कि यह ईमेल आउटलुक आईडी के माध्यम से भेजा गया था, जिसमें आरटीओ कार्यालय को सायनाइड गैस बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ईमेल देखने के बाद कर्मचारियों ने बिना देरी किए इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को दी। मौके पर पहुंची बम डिस्पोज़ल स्क्वॉड (बीडीडीएस) की टीम ने आरटीओ परिसर के हर हिस्से की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान पार्किंग, ऑफिस, आसपास के खुले स्थान और अन्य संदिग्ध जगहों को खंगाला गया लेकिन कहीं भी कोई विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
पुलिस की साइबर टीम अब इस मामले की तकनीकी जांच में जुट गई है। ईमेल आईडी की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसे कहां से भेजा गया। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती तौर पर ईमेल में दक्षिण भारत से जुड़े कुछ संकेत मिले हैं लेकिन ऐसे मामलों में अक्सर वीपीएन का इस्तेमाल किया जाता है जिससे लोकेशन छिपाई जा सके।
बता दे :
इंदौर संभागायुक्त कार्यालय में बम की धमकी से हड़कंप
इंदौर। बुधवार दोपहर एक धमकी भरे ईमेल ने इंदौर के प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया। संभागायुक्त कार्यालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजे गए संदेश में कार्यालय और उसी भवन में संचालित श्रमायुक्त कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई।
करीब दोपहर 12 बजे जैसे ही अधिकारियों की नजर इस मेल पर पड़ी, तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद दोपहर 2:10 बजे तक पूरे परिसर में सुरक्षा एजेंसियों की हलचल तेज हो गई।
खाली कराए गए दफ्तर, हर कोना खंगाला
सूचना मिलते ही पुलिस, बम स्क्वाड और डॉग स्क्वाड की टीमें मौके पर पहुंचीं। संभागायुक्त कार्यालय और श्रम आयुक्त कार्यालय को तुरंत खाली कराया गया। कर्मचारियों और आम नागरिकों को बाहर निकालकर पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लिया गया।
मेल में तमिलनाडु की राजनीति और विदेशी फंडिंग का उल्लेख
मेल में तमिलनाडु की राजनीतिक व्यवस्था का उल्लेख करते हुए राजनीतिक टिप्पणियां भी की गई हैं। मेल में स्टाफ-पाकिस्तान के जासूस बोलकर संबोधित किया गया। तमिलनाडु की राजनीति, डीएमके सरकार और डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन को लेकर आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं। साथ ही कुछ ट्रस्टों और विदेशी फंडिंग को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। मेल में लिखा गया कि निजी स्वार्थ वाले संगठन तमिलनाडु में कुछ ट्रस्टों को बहुत चंदा दे रहे हैं। यह विदेशी संगठनों का एजेंडा थोपने का काम करते हैं।





