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Facebook अब नही रहेगा Facebook! लेकिन क्यों, जाने वजह?

📅 20 October 2021, 08:01 PM • ✍️ Paliwalwani • ⏱️ 5 मिनट में पढ़ें
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Facebook अब नही रहेगा Facebook! लेकिन क्यों, जाने वजह?
Facebook अब नही रहेगा Facebook! लेकिन क्यों, जाने वजह?

फेसबुक अपना नाम बदल सकती है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक द वर्ज नामक वेबसाइट ने इस बारे में खबर दी है. नया नाम छवि बदलने की कोशिश हो सकती है.सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक इंक का नाम बदला जा सकता है. ऐसी खबरें हैं कि कंपनी अपनी छवि में बदलाव लाने के प्रयास कर रही है और इसी के तहत नया नाम रखा जा सकता है. वेबसाइट द वर्ज ने मंगलवार को मामले से सीधे तौर पर जुड़े एक सूत्र के हवाले से यह खबर दी है.

वर्ज का कहना है फेसबुक चूंकि अब मेटावर्स पर ध्यान देना चाहती है तो नया नाम उसी कड़ी का हो सकता है. रिपोर्ट कहती है कि फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग की योजना 28 अक्टूबर को होने वाली कंपनी की सालाना कॉन्फ्रेंस में नए नाम के बारे में बात करने की योजना है. हालांकि नया नाम उससे पहले भी उजागर किया जा सकता है. द वर्ज की रिपोर्ट कहती है कि फेसबुक की रीब्रैंडिंग के जरिए विभिन्न सोशल मीडिया ऐप जैसे इंस्टाग्राम, वॉट्सऐप और ऑक्युलस आदि को एक छतरी के नीचे लाया जा सकता है. इस बारे में जब फेसबुक से सवाल पूछा गया तो उसने कहा कि वह अटकलों या अफवाहों पर टिप्पणी नहीं करती. छवि सुधारने की कोशिश फेसबुक एक के बाद एक कई संकटों से जूझ रही है.

हुआ है अरबो का नुकसान

हाल ही में कई बार उसकी सेवाएं कई घंटों तक ठप्प रहीं, जिस कारण उसे अरबों का नुकसान उठाना पड़ा. कंपनी के पूर्व कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे खुलासों ने भी फेसबुक की छवि को नुकसान पहुंचाया है. पूर्व कर्मचारी फ्रांसिस हॉगेन ने कुछ दस्तावेज लीक करते हुए बताया था कि फेसबुक जानती थी कि उसकी वेबसाइट युवा लोगों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकती है. इसके अलावा, कई देशों में फेसबुक के बढ़ते प्रभाव पर नियंत्रण की मांग तेज हो रही है. देखिए, ये तो इनके बाएं हाथ का खेल है पिछले महीने अमेरिकी अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट ने एक रिपोर्ट में ऐसे संकेत दिए थे कि मेटावर्स की घोषणा के जरिए फेसबुक अपनी छवि को सुधारने की कोशिश कर सकती है. वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा था कि मेटावर्स में कंपनी की दिलचस्पी "नीति-निर्मातओं के बीच कंपनी की छवि को फिर स्थापित करने और फेसबुक को इंटरनेट तकनीकों की अगली लहर के लिए तैयार करने की कोशिशों का हिस्सा हो सकती है" मेटावर्स पर केंद्रित भविष्य इसी हफ्ते फेसबुक ने भविष्य के इंटरनेट ‘मेटावर्स' पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही थी.

यूरोप में मेटावर्स टीम के लिए दस हजार लोगों को भर्ती का ऐलान करते हुए कंपनी ने एक ब्लॉग में लिखा था कि मेटावर्स भविष्य है. फेसबुक ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, "मेटावर्स में रचनात्मक, सामाजिक और आर्थिक मोर्चे पर नए आयाम खोलने की संभावना है. यूरोपीय संघ के लोग इसके लिए बिल्कुल शुरुआत से तैयारी करेंगे. आज हम यूरोपीय संघ में 10,000 लोगों को भर्ती करने की योजना का ऐलान कर रहे हैं जिसे अगले 5 साल के दौरान अंजाम दिया जाएगा" यह इस तरह की तकनीक है जिसके तहत मनुष्य डिजिटल जगत में वर्चुअली प्रवेश कर सकेगा. जानकार बताते हैं कि यह कुछ ऐसा महसूस होगा जैसे आप किसी से बात कर रहे हैं तो वह आपके सामने ही बैठा है जबकि असल में दोनों लोग इंटरनेट के जरिए मीलों दूर से जुड़े हुए हैं

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