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Sanchar Saathi App: सरकार क्यों आपके फ़ोन में इंस्टॉल करना चाहती है संचार साथ एप? क्या है संचार साथी एप?

📅 02 December 2025, 02:49 PM ✍️ Paliwalwani ⏱️ 4 मिनट में पढ़ें
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Sanchar Saathi App: सरकार क्यों आपके फ़ोन में इंस्टॉल करना चाहती है संचार साथ एप? क्या है संचार साथी एप?
Sanchar Saathi App: सरकार क्यों आपके फ़ोन में इंस्टॉल करना चाहती है संचार साथ एप? क्या है संचार साथी एप?

नई दिल्ली. दूरसंचार विभाग ने मोबाइल फोन की असलियत की जांच करने के लिए फोन में संचार साथी एप को इंस्टॉल करने का निर्देश दिया है। इस फैसले के बाद अब नए मोबाइल फोन में संचार साथी एप्लिकेशन पहले से इंस्टॉल होकर आएगा। फोन कंपनियों को 90 दिनों के अंदर नए फोन्स में इस एप्लिकेशन को इंस्टॉल करना होगा।

निर्देश में इस बारे में भी बताया गया है कि अगर कंपनियां इसका पालन नहीं करती हैं तो उन पर दूरसंचार अधिनियम 2023 और दूरसंचार साइबर सुरक्षा नियम 2024 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं विपक्षी दल सरकार के इस फैसले को असंवैधानिक बता रहे हैं। वे सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उनके द्वारा कहा जा रहा है कि सरकार इससे लोगों पर नजर रखेगी। 

संचार साथी एप, जिसे कि साल 2023 में संचार साथी पोर्टल के रूप में शुरू किया गया था। इस पोर्टल की मदद से आप स्कैम कॉल की रिपोर्ट कर सकते हैं, यूजर्स अपने नाम पर रजिस्टर्ड सिम कार्ड की पहचान कर सकते हैं, फोन चोरी होने पर उसको ब्लॉक किया जा सकता है। इस एप का इस्तेमाल व्यापक स्पैम को रोकने के लिए किया जा रहा है। 

संचार साथी एप एक खास तरह का साइबर सिक्योरिटी टूल है। इस एप्लिकेशन को 17 जनवरी, 2025 को लॉन्च किया गया था। संचार साथी एप की मदद से मोबाइल कनेक्शों की जांच की जा सकती है। इसमें आपको कई तरह के शानदार फीचर्स मिलते हैं। 

सरकार के मुताबिक अगस्त 2025 तक इस एप्लिकेशन को 50 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है। इसकी मदद से 37 लाख से अधिक चोरी या खो चुके स्मार्टफोन को ब्लॉक किया गया है। इसके अलावा 22 लाख 76 हजार से अधिक स्मार्टफोन्स को खोजने में भी मदद मिली है। 

सरकार के मुताबिक इस एप्लिकेशन को इंस्टॉल करने से फोन की सिक्योरिटी मजबूत होगी। इसके अलावा आपकी पहचान सुरक्षित रहेगी और साइबर ठगी से बचने में मदद मिलेगी। सरकार का यह भी कहना है कि एप पूरी तरह से सुरक्षित है। डीओटी के मुताबिक इस  एप को स्मार्टफोन में इंस्टॉल करने से लोगों को नकली स्मार्टफोन खरीदने से बचाने और दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को समझने में मदद मिलेगी। 

 

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