दिल्ली के स्कूल ही नहीं PM मोदी और मुकेश अंबानी तक को मिल चुकी है ई-मेल पर धमकी
नई दिल्ली. दिल्ली के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने का मामला कोई पहली बार नहीं है। पहले भी दिल्ली के स्कूलों को इस तरह की धमकी मिलती रही हैं। केवल दिल्ली के स्कूल ही नहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के सबसे बडे़ उद्योगपति मुकेश अंबानी तक को धमकी भरे ईमेल भेजे जा चुके हैं।
इनमें कुछ मामलों में पुलिस आरोपितों तक पहुंच जाती है तो कुछ पुलिस की पकड़ से दूर रहते हैं। ऐसा होता है आरोपितों द्वारा ऐसे सर्वर का इस्तेमाल करने से जो अपने उपभोक्ताओं का डाटा साझा नहीं करते है या फिर डार्कवेब का इस्तेमाल करने के कारण।
पहले भी स्कूलों को मिल चुकी है धमकी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी मिल चुकी है धमकी
सात अक्टूबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नरेंद्र मोदी स्टेडियम को उड़ाने की धमकी का ई मेल मिला था। ईमेल की जांच के दौरान मुंबई क्राइम ब्रांच ने पाया कि ईमेल प्रोटोन मेल प्लेटफार्म का उपयोग करके भेजा गया था। इस प्लेटफार्म का सर्वर स्विट्जरलैंड में हैं।
स्विट्ज़रलैंड की यह ईमेल का प्लेटफार्म देने वाली यह कंपनी उसके उपभोक्ताओं की जानकारी साझा नहीं करती है। यह ईमेल आईडी ओसामा बिन लादेन्स हायर के नाम से रजिस्टर किया गया था। जांच में पता चला कि भेजे गये ईमेल में 7-8 लेयर की सुरक्षा थी और इसका डोमेन स्विट्जरलैंड में स्थित है।
एजेंसी ने संबंधित सरकार से ईमेल आईडी के बारे में अधिक जानकारी साझा करने का अनुरोध किया। ईमेल में लिखा था कि तुम्हारी सरकार से हमें 500 करोड़ और लारेंस बिश्नोई चाहिए, नहीं तो कल हम नरेंद्र मोदी के साथ नरेंद्र मोदी स्टेडियम भी उड़ा देंगे। हिंदुस्तान में सब कुछ बिकता है, कुछ खरीद लिया है, कितना भी सुरक्षित करो, हमसे नहीं बचा पाओगे। अगर बात करनी है तो इस मेल पर ही बात करना।
मुकेश अंबानी को भी मिल चुकी धमकी, मांगे थे 400 करोड़ रुपये
एशिया के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी की कंपनी की ऑफिशियल ईमेल आईडी पर 27 अक्टूबर 2023 को पहली धमकी भरी मेल मिला और धमकी देने वाले ने 20 करोड़ रुपये नहीं मिलने पर मुकेश अंबानी को मार ने की धमकी दी।
इसके बाद 28 अक्टूबर को फिर से एक धमकी भरी ईमेल आई, लेकिन, इस बार रकम बढ़ाकर सीधे 200 करोड़ कर दी गई थी और बाद में भेजे ईमेल मे यह रकम 400 करोड़ पहुंच गई थी।
मुंबई पुलिस ने इस मामले में 21 साल के आरोपित को गिरफ्तार किया था। आरोपित ने डार्क वेब का इस्तेमाल कर मेल भेजे थे और उसे पूरा विश्वास था कि पुलिस उस तक नहीं पहुंच पाएगी।
आरोपित पूरी रात डार्क वेब पर रहता था और लगातार अपने आईपी एड्रेस को एक देश से दूसर देश में बदलता रहता था। इस दौरान वह एक चूक कर गया और पुलिस उस तक पहुंच गई।
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