उज्ज्वला योजना के लाभार्थी 5 सालों में 4.13 करोड़ नहीं करवा पाए एक भी सिलिंडर रिफिल
नई दिल्ली : रसोई गैस यानि एलपीजी लगातार महंगा होता जा रहा है. जिससे लोगों के घर का बजट बिगड़ चुका है. इस बीच मोदी सरकार ने राज्यसभा में रसोई गैस सिलेंडर के खपत को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं. सरकार ने सदन को बताया है कि बीते पांच सालों में 4.13 करोड़ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों ने एक भी एलपीजी सिलेंडर रिफिल नहीं करवाया है. पेट्रोलियम राज्यमंत्री रामेश्वर तेली ने संसद में लिखित में ये जानकारी दी है.
लाभार्थियों ने एक भी एलपीजी सिलेंडर रिफिल नहीं करवाया
दरअसल राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने सरकार से ये सवाल पूछा था कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत ऐसे कुल लाभार्थी हैं जिन्होंने बीते पांच सालों में एक या उससे कम एलपीजी सिलेंडर रिफिल कराया है. इसके जवाब में पेट्रोलियम राज्यमंत्री ने कहा कि बीते पांच सालों में 4.13 करोड़ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों ने एक भी एलपीजी सिलेंडर रिफिल नहीं करवाया है. उन्होंने बताया कि कुल 7.67 करोड़ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के ऐसे लाभार्थी हैं जिन्होंने केवल एक एलपीजी सिलेंडर रिफिल करवाया है.
देश में 30.53 करोड़ एक्टिव कस्टमर्स
रामेश्वर तेजी के मुताबिक एलपीजी सिलेंडर की खपत लोगों को खानपान के तरीके, घरों में कुल रहने वाले लोगों की संख्या और ईंधन के दूसरे विकल्प पर निर्भर करता है. उन्होंने बताया कि 2021-22 में कुल 30.53 करोड़ एक्टिव एलपीजी कस्टमर्स में से 2.11 घरेलू एलपीजी कस्टमर्स ने एक भी सिलेंडर रिफिल नहीं कराया है. तो कुल 2.91 करोड़ एलपीजी कस्टमर्स ने केवल एक सिलेंडर रिफिल कराया है.
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