राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इंदौर को स्वच्छता में श्रेष्ठता के लिये सम्मानित करेंगी
इंदौर : भारत सरकार (Indian government) द्वारा प्रतिवर्ष कराये जाने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण में हर वर्ष की तरह मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) फिर एक बार स्वच्छता के कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है. अभी तक प्राप्त सूचनाओं के अनुसार प्रदेश के 11 नगरीय निकायों को स्वच्छता के राष्ट्रीय पुरस्कार (National Award for Cleanliness) के लिये सम्मानित किया जाएगा. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इंदौर को स्वच्छता में श्रेष्ठता के लिये सम्मानित करेंगी. सम्मानों की घोषणा शनिवार, 1 अक्टूबर 2022 को नई दिल्ली में की जाएगी.
उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन 2.0 पूरे होने पर केन्द्र सरकार द्वारा स्वच्छ अमृत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। ताल कटोरा स्टेडियम में एक अक्टूबर को नगरीय निकाय इंदौर, बड़ौनी, भोपाल, छिंदवाड़ा, खुरई, महू कैंट, मुंगावली, औबेदुल्लागंज, पेटलावद, फूफकला और उज्जैन को विभिन्न घटकों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। मध्य प्रदेश को कुल 13 राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त होंगे।
उल्लेखनीय है कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 से अब तक प्रदेश का प्रदर्शन हर वर्ष बेहतर से बेहतरीन हुआ है। पहले स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 में प्रदेश को देश के चौथे स्वच्छ राज्य का सम्मान मिला था, जो वर्ष 2020-21 में तीसरे स्थान पर आ गया। इस वर्ष प्रदेश को श्रेष्ठ स्थान प्राप्त होने की संभावना है। वर्ष 2021 में प्रदेश के 8 शहरों ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किये थे तथा 13 शहरों को उनकी 5 स्टार एवं 3 स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लिये राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ था। इसके अलावा विशेष प्रतियोगिता सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज में प्रदेश के तीन शहरों इंदौर, भोपाल और उज्जैन को विशेष राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ था।
प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने शुक्रवार को बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा नई दिल्ली में 30 सितम्बर 2022 को स्वच्छता लीग के विजेता नगरीय निकायों खजुराहो और उज्जैन को सम्मानित किया गया।
स्टार रेटिंग
स्टार रेटिंग नगरीय निकायों को कचरा मुक्त बनाये जाने के मापदण्डों के आधार पर प्रदान की जाती है। इन मापदण्डों में निकायों में पृथक्कीकरण, कचरा संग्रहण, परिवहन, प्र-संस्करण, सार्वजनिक स्थान, वार्ड आदि में सफाई, कचरे के ढेर न होना, नाली, नाले और अन्य जलाशय साफ होना, निकाय में पॉलीथीन और सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित होना, पार्क आदि साफ होना, हर घर से कचरा अलग-अलग ही प्राप्त होना एवं कचरा प्रबंधन के लिये उपभोक्ता प्रभार नागरिकों द्वारा दिये जाने जैसे 24 मानदण्डों पर निकाय की स्वच्छता का परीक्षण किया जाता है। इनके आधार पर निकाय को 1, 3, 5 अथवा 7 स्टार श्रेणी प्रदान की जाती है। परीक्षण की इस प्रक्रिया में समस्त सार्वजनिक स्थान, सरकारी और निजी कार्यालयों, धर्म स्थलों, व्यावसायिक परिसर भी शामिल होते हैं। यहां टीम द्वारा भ्रमण करके स्वच्छता का परीक्षण किया जाता है।

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