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इंदौर

indoremeripehchan : किसान नेताओं पर फर्जी FIR कराने वाला सहायक उपनिरीक्षक खुद जांच में दोषी, मंडी घोटाले का पर्दाफाश

📅 24 December 2025, 01:21 AM • ✍️ indoremeripehchan.in • ⏱️ 4 मिनट में पढ़ें
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indoremeripehchan : किसान नेताओं पर फर्जी FIR कराने वाला सहायक उपनिरीक्षक खुद जांच में दोषी, मंडी घोटाले का पर्दाफाश
indoremeripehchan : किसान नेताओं पर फर्जी FIR कराने वाला सहायक उपनिरीक्षक खुद जांच में दोषी, मंडी घोटाले का पर्दाफाश

इंदौर. कृषि उपज मंडी समिति में किसानों और किसान नेताओं को दबाने के लिए फर्जी FIR दर्ज कराने वाले अधिकारी अब स्वयं जांच में दोषी पाए गए हैं। मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड की जांच रिपोर्ट ने मंडी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा 08 अप्रैल 2025 को किए गए औचक निरीक्षण में यह सामने आया कि इंदौर फल-सब्जी मंडी में मंडी शुल्क की बड़े पैमाने पर चोरी, सीसीटीवी कैमरों की निष्क्रियता, आवक पंजियों का अभाव, और ई-मंडी व्यवस्था का उल्लंघन किया जा रहा था। इस लापरवाही से शासन को राजस्व हानि हुई और किसानों के हित प्रभावित हुए।

जांच में दोषी पाए गए कर्मचारी

जांच और व्यक्तिगत सुनवाई के बाद निम्न अधिकारियों/कर्मचारियों को दोषी पाया गया

  • विष्णु राठौर
  • राजू कुवाल (सहायक उपनिरीक्षक)
  • केलाश अहिरवार
  • सतीश टोंकवाल (सहायक उपनिरीक्षक)
  • राजेश बुंदेला
  • नंदलाल पंढरा (सफाई कर्मी/सहायक उपनिरीक्षक)
  • इन सभी को फल-सब्जी मंडी की ड्यूटी से हटाकर अन्य मंडियों में पदस्थ किया गया है तथा भविष्य में फल-सब्जी मंडी में तैनाती न देने के निर्देश जारी किए गए हैं।

    फर्जी FIR का गंभीर आरोप

    किसान नेता बबलू जाधव ने बताया कि है कि सहायक उपनिरीक्षक राजू कुवाल द्वारा पूर्व में हमारे ऊपर दबाव बनाने और आंदोलन को कुचलने के उद्देश्य से फर्जी FIR दर्ज कराई गई थी। अब वही अधिकारी मंडी शुल्क चोरी और प्रशासनिक लापरवाही के मामले में जांच में दोषी पाए गए, जिससे स्पष्ट होता है कि किसानों की आवाज दबाने का प्रयास किया गया।

    किसान नेता बबलू जाधव ने कहा : 

    “यह किसानों के संघर्ष की जीत है। जिन अधिकारियों ने किसानों और किसान नेताओं पर फर्जी FIR दर्ज कराईं, वही आज खुद भ्रष्टाचार और लापरवाही में दोषी साबित हुए हैं। मंडी में किसानों से पूरा शुल्क लिया जाता है, लेकिन उसे शासन तक नहीं पहुंचाया जाता। हम मांग करते हैं कि फर्जी FIR दर्ज कराने वाले अधिकारियों पर आपराधिक कार्रवाई हो और किसानों को झूठे मामलों से मुक्त किया जाए।” उन्होंने आगे कहा कि : “यदि अब भी मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं लाई गई, तो किसान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”

    किसान संगठनों की प्रमुख मांगें

  • फर्जी FIR की निष्पक्ष जांच और निरस्तीकरण
  • दोषी अधिकारियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हो
  • मंडी शुल्क वसूली की ऑनलाइन और पारदर्शी व्यवस्था
  • ई-मंडी, सीसीटीवी और आवक पंजियों का सख्त पालन
  • किसानों को डराने वाली मानसिकता पर रोक
  • किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को संरक्षण मिला, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
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