श्री चारभुजा नाथ जी मंदिर इंदौर में सामूहिक अनंत चतुर्दशी उद्यापन महोत्सव सानंद संपन्न
परम श्रद्धेय समाजजन एवं धर्मप्रेमी बंधुओं, सादर जय श्री कृष्णा! सादर प्रणाम।
इंदौर. पालीवाल ब्राह्मण समाज 44 श्रेणी इंदौर की पालीवाल समाज की धर्मशाला में विराजमान आराध्य प्रभु श्री चारभुजानाथ जी मंदिर परिसर में एक बहुत ही सुखद और सटीक संदेश समाजजनों के बीच गया...,अगर कुछ करने की जिद्द होतो...आसमां भी जमीन पर आ जाएं...ऐसा ही उदाहरण सामूहिक अनंत चतुर्दशी उद्यापन महोत्सव के आयोजन में देखने को मिला. प्रभु भगवान श्री हरि विष्णु के अनंत स्वरूप की आराधना एवं 14 वर्षों के अखंड व्रत की पूर्णता का पावन पर्व अनंत चतुर्दशी उद्यापन अत्यंत हर्षोल्लास-दिव्यता एवं आध्यात्मिक वातावरण में सानंद संपन्न हुआ.
भगवान श्री हरि विष्णु के अनंत स्वरूप की आराधना एवं 14 वर्षों के अखंड व्रत की पूर्णता का पावन पर्व अनंत चतुर्दशी उद्यापन आज अत्यंत हर्षोल्लास, दिव्यता एवं आध्यात्मिक वातावरण में सानंद संपन्न हुआ। श्री चारभुजा नाथ जी मंदिर, पालीवाल धर्मशाला (जूना तुकोगंज, इंदौर) में श्री सांवरिया रामायण मण्डल (पालीवाल ब्राह्मण समाज 44 श्रेणी) के तत्वावधान में समाजजनों के असीम स्नेह, सहयोग व आशीर्वाद से यह सामूहिक उद्यापन महोत्सव पूर्णतः मितव्ययिता व गरिमा के साथ संपन्न हुआ।
॥॥ कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां ॥॥
- ध्वजा अर्पण : सर्वप्रथम प्रभु श्री चारभुजा नाथ जी के पावन चरणों में विधिवत ध्वजा अर्पण की गई।
- शास्त्रोक्त हवन-पूजन : समस्त जोड़ों व उद्यापनकर्ताओं द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूर्ण विधि-विधान से यज्ञ-हवन संपन्न हुआ।
- रीति-रिवाज एवं पैरावणी : सामाजिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए कलश वितरण एवं सम्मानपूर्वक पैरावणी की रस्म संपन्न हुई।
- महाप्रसादी : सभी भक्तजनों ने भक्तिभाव के साथ खीर-मालपुए की दिव्य महाप्रसादी ग्रहण कर धर्म लाभ लिया।
॥॥ कुशल नेतृत्व एवं अनुकरणीय सहयोग॥॥
इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान में श्री पालीवाल ब्राह्मण समाज 44 श्रेणी, इंदौर के शिक्षा मंत्री श्री सुरेश भोलीराम जी दवे का कुशल मार्गदर्शन एवं अनुकरणीय नेतृत्व पुनः देखने को मिला। अत्यंत अल्प समय में इतने विहंगम और व्यवस्थित आयोजन की पूर्ण जिम्मेदारी निभाते हुए इस पूरी कर्मठ टोली ने जिस खिलाड़ी भावना, समर्पण और आत्मीयता से एकजुट होकर कार्य किया, उसने समाज के समक्ष एक अनुपम मिसाल पेश की है।
पालीवाल ब्राह्मण समाज 44 श्रेणी इंदौर की पालीवाल समाज की धर्मशाला में विराजमान आराध्य प्रभु श्री चारभुजानाथ जी मंदिर परिसर में एक बहुत ही सुखद और सटिक संदेश समाजजनों के बीच गया..., अगर कुछ करने की जिद् होतो...आसमां भी जमीन पर आ जाएं...ऐसा ही उदाहरण सामूहिक अनंत चतुर्दशी उद्यापन महोत्सव के आयोजन में देखने को मिला. प्रभु भगवान श्री हरि विष्णु के अनंत स्वरूप की आराधना एवं 14 वर्षों के अखंड व्रत की पूर्णता का पावन पर्व अनंत चतुर्दशी उद्यापन अत्यंत हर्षोल्लास-दिव्यता एवं आध्यात्मिक वातावरण में सानंद संपन्न हुआ.
दिव्य आयोजन की वास्तविक सूत्रधार हमारी चारों मातृशक्तियां रहीं
!! ॐ नमो भगवते वासुदेवाय !! श्री चारभुजानाथाय नमः!!
“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः। यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रिया”
अर्थात् जहाँ नारी शक्ति का आदर और सम्मान होता है, वहाँ स्वयं देवता निवास करते हैं और जहाँ उनका सम्मान नहीं होता, वहाँ समस्त कार्य निष्फल हो जाते हैं. यह शाश्वत सत्य है कि जब नारी शक्ति किसी भी पुनीत कार्य का बीड़ा अपने हाथ में उठाती है, तो अपनी निष्ठा, समर्पण और विलक्षण प्रबंधन क्षमता से उसे शत-प्रतिशत सफलता के शिखर तक पहुँचा देती है.
श्री सांवरिया रामायण मण्डल के बैनर तले आयोजित सामूहिक अनंत चतुर्दशी उद्यापन महोत्सव, इसका प्रत्यक्ष और जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है. चारभुजा नाथ मंदिर स्थित पालीवाल ब्राह्मण समाज 44 श्रेणी धर्मशाला में संपन्न हुआ. यह भव्य आयोजन पूर्ण रूप से धार्मिक, आध्यात्मिक एवं विशुद्ध मेवाड़ी रीति-रिवाजों और सामाजिक परंपराओं के अनुरूप अत्यंत कुशलतापूर्वक संपन्न हुआ. इस दिव्य आयोजन की वास्तविक सूत्रधार हमारी चारों मातृशक्तियां रहीं, जिन्होंने संपर्क सूत्र से लेकर प्रत्येक व्यवस्था का दायित्व आगे बढ़कर संभाला.
???? श्रीमती पायल जतिन जी व्यास
???? श्रीमती निर्मला अनिल जी बागोरा
???? श्रीमती यामिनी महेश जी जोशी
???? श्रीमती पूजा रविकांत जी व्यास
इन एवं सहयोगी मातृशक्तियों ने जिस सूझ-बूझ और बारीकी के साथ पूरे, आयोजन की सूक्ष्म आंतरिक व्यवस्था को संभाला, वह अत्यंत अद्भुत और प्रशंसनीय रही. चाहे पूजन सामग्री की सूक्ष्म तैयारी हो, शास्त्रोक्त विधानों का तालमेल हो, कलश वितरण व पैरावणी की पारंपरिक रस्में हों—मातृशक्ति का कुशल आंतरिक प्रबंधन और साथ ही पुरुष वर्ग द्वारा मैदानी दायित्वों का कुशल निर्वहन भी अत्यंत सहजता से संभव हो सका.
आज पूरे समाज में मातृशक्ति के इस अनुकरणीय नेतृत्व, आत्मीय भाव और अद्भुत प्रबंधन की मुक्त कंठ से भूरि-भूरि सराहना हो रही है. इस अभूतपूर्व सफलता को देखते हुए प्रबुद्ध समाजजन आगामी धार्मिक एवं सामाजिक पर्वों पर भी इसी तरह की कुशल व्यवस्था की अपेक्षा व अनुशंसा कर रहे हैं. नारी शक्ति के इस अप्रतिम सेवाभाव और संगठन कौशल को कोटिशः वंदन.
भगवान श्री चारभुजा नाथ जी एवं अनंत नारायण प्रभु की असीम कृपा समस्त मातृशक्ति एवं उनके परिवारों पर सदैव बनी रहे.
हमारे सनातन धर्म में सामूहिक धार्मिक आयोजनों का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। जब अनेक विप्रजन, धर्मप्रेमी परिवार और समाजजन एक साथ बैठकर यज्ञ-हवन व प्रभु स्मरण करते हैं, तो उस सम्मिलित संकल्प से वातावरण में अद्भुत सकारात्मक ऊर्जा व दिव्यता का संचार होता है तथा समाज में पारस्परिक सद्भाव, स्नेह व धर्म-संस्कृति की जड़ें और सुदृढ़ होती हैं। इस पुनीत अनुष्ठान को सफल बनाने वाले सभी आयोजकों, सहयोगियों, मातृशक्ति एवं समस्त समाजजनों का हृदय से आभार एवं मंगलकामनाएं।
प्रभु श्री चारभुजा नाथ जी एवं भगवान श्री अनंत नारायण की असीम अनुकंपा आप सभी के परिवार पर सदैव बनी रहे।
!! मातृशक्ति को सादर नमन एवं साधुवाद !!
राजेश रमेशचंद्र जी पुरोहित (बड़ा भाणुजा, इंदौर)
जय जगदीश सेवा संगठन, इंदौर









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