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तुर्किये-सीरिया में 12 घंटे में भूकंप के 3 बड़े झटके : 2600 से ज्यादा मौतें : राहत सामग्री भेजेगा भारत

📅 07 February 2023, 01:25 AM ✍️ Paliwalwani ⏱️ 3 मिनट में पढ़ें
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तुर्किये-सीरिया में 12 घंटे में भूकंप के 3 बड़े झटके : 2600 से ज्यादा मौतें : राहत सामग्री भेजेगा भारत
तुर्किये-सीरिया में 12 घंटे में भूकंप के 3 बड़े झटके : 2600 से ज्यादा मौतें : राहत सामग्री भेजेगा भारत

तुर्किये-सीरिया :

मिडिल ईस्ट के चार देश तुर्किये (पुराना नाम तुर्की), सीरिया, लेबनान और इजराइल सोमवार सुबह भूकंप से हिल गए। यहां 12 घंटे में बड़े भूकंप आए। सबसे ज्यादा तबाही एपिसेंटर तुर्किये और उसके नजदीक सीरिया के इलाकों में देखी जा रही है।

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक- तुर्किये और सीरिया में अब तक 2600 लोगों की मौत हो चुकी है। लेबनान और इजराइल में भी झटके महसूस किए गए, लेकिन यहां नुकसान की खबर नहीं है। तुर्किये में अब तक 1651 लोगों की जान जा चुकी है। 11 हजार लोगों के घायल होने की खबर है। सीरिया में 968 लोग मारे गए और 2 हजार से ज्यादा जख्मी हैं।

टर्किश मीडिया के मुताबिक- 3 बड़े झटके आए। पहला तुर्किये के वक्त के मुताबिक, सुबह करीब चार बजे (7.8) और दूसरा करीब 10 बजे (7.6) और तीसरा दोपहर 3 बजे (6.0)। इसके अलावा 78 आफ्टर शॉक्स दर्ज किए गए। इनकी तीव्रता 4 से 5 रही।

भूकंप का एपिसेंटर तुर्किये का गाजियांटेप शहर था

भूकंप का एपिसेंटर तुर्किये का गाजियांटेप शहर था। यह सीरिया बॉर्डर से 90 किमी दूर है। इसलिए इसके आसपास के इलाकों में ज्यादा तबाही हुई। इसका असर भी दिख रहा है। दमिश्क​, ​​​​​​अलेप्पो, हमा, लताकिया समेत कई शहरों में इमारतें गिरने की खबर है। वहीं, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुर्कीये में आए भूकंप में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की संवेदनाएं तुर्किये के साथ हैं। भारत सरकार मदद के लिए राहत सामग्री के साथ NDRF और मेडिकल टीमों के खोज और बचाव दलों को तुर्की भेज रही है।

100 साल बाद आया इतना खतरनाक भूकंप, 10 हजार लोग मर सकते हैं

उधर, यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने चौंकाने वाली बात कही है। इसके आंकड़ों के मुताबिक, तुर्किये में मरने वालों की संख्या एक हजार से ज्यादा हो गई है। यह संख्या 10 हजार तक पहुंच सकती है। USGS ने इसके पीछे तर्क दिया कि 1939 में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था। तब 30 हजार लोगों की मौत हुई थी। वहीं, 1999 में 7.2 तीव्रता का भूकंप आया था, तब 17 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई थी।

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