सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी बैठक : सरकारी योजनाओं की करेंगी समीक्षा
नई दिल्ली :
लोकसभा चुनाव से पहले सरकार की कोशिश है कि सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों को मिले जिसका सबसे बड़ा जरिया सरकारी बैंक हैं. ऐसे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सरकारी बैंकों के मैनेजिंग डायरेक्टर्स और सीईओ के साथ 30 दिसंबर 2023 को बैठक करने जा रही हैं. इस बैठक में वित्त मंत्री बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा भी करेंगी.
मौजूदा वित्त वर्ष 2023-24 के पहले छह महीनों में सरकारी बैंकों को कुल 68,500 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है. शनिवार को होने वाली बैठक में वित्त मंत्री बैंकों के सीएमडी के साथ प्रधानमंत्री जन धन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड , स्टैंड-अप इंडिया, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना सहित अलग अलग सरकारी योजनाओं के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में बैंकों की प्रगति की समीक्षा करेंगी.
वित्त वर्ष 2024-25 के अंतरिम बजट पेश किये जाने और अगले साल होने वाले आम चुनावों से पहले माना जा रहा कि कि आखिरी समीक्षा बैठक है. इस बैठक में ग्राहक सेवा और साइबर सुरक्षा में सुधार के उपायों पर भी चर्चा होगी.
वित्त मंत्री अगले वित्त वर्ष के लिए बैंकों के फाइनेंशियल इंक्लूजन, क्रेडिट ग्रोथ, एसेट क्वालिटी और बैंकों के बिजनेस ग्रोथ पर भी चर्चा की जाएगी. इसके अलावा बैंकों के एनपीए और कर्ज वसूली के स्टेटस पर भी चर्चा की जाएगी. आरबीआई के डेटा के मुताबिक पिछले तीन सालों में बैंकों के ग्रॉस एनपीए में कमी आई है.
31 मार्च, 2021 को 8,35,051 करोड़ रुपये ग्रॉस एनपीए था जो 31 मार्च, 2022 को घटकर 7,42,397 करोड़ रुपये और 31 मार्च, 2023 को 5,71,544 करोड़ रुपये हो गया है. पिछले हफ्ते वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों के प्रमुखों से टॉप 20 आईबीसी से जुड़े मामलों को मॉनिटर करने को कहा है. सरकारी बैंकों के एमडी और सीईओ के साथ बैठक के दौरान वित्तीय मामलों के सचिव विवेक जोशी ने हर महीने टॉप 20 मामलों को रिव्यू करने को कहा है जिससे उनका रिजॉल्यूशन किया जा सके.
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