दिल्ली
नगर निगम–प्रशासन की नाकाबंदी, व्यापारियों के विरोध से अवैध पैठ बाजार नहीं लग सका : प्रशासन की सख्ती से बाजार बंद
Ravindra Arya
अवैध पैठ बाजार के खिलाफ व्यापारियों का एकजुट धरना
विशेष रिपोर्ट : रविंद्र आर्य
गाजियाबाद.
अवैध पैठ बाजार के खिलाफ पिछले रविवार की तरह इस बार भी क्षेत्र के व्यापारियों ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। पिछली बार धोखे से अवैध पैठ बाजार दोबारा लगाए जाने के बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश था। इसी को देखते हुए इस बार व्यापारियों ने पूरे दिन विरोध स्थल पर बैठकर धरना दिया, जिसके चलते आज अवैध पैठ बाजार पूरी तरह बंद रहा।
प्रशासन और नगर निगम की सक्रियता के चलते शनिवार से ही मौके पर नाकाबंदी कर दी गई थी। रविवार सुबह से ही नगर निगम के सिटी ज़ोन प्रभारी आर.पी. सिंह और नगर कोतवाल सचिन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे और किसी भी स्थिति में पैठ बाजार नहीं लगने दिया।

महापौर सुनीता दयाल और राजू छाबड़ा का महत्वपूर्ण सहयोग
व्यापारी नेता राजू छाबड़ा ने बताया कि रविवार सुबह गाजियाबाद की महापौर श्रीमती सुनीता दयाल ने लखनऊ से फोन कर स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध पैठ बाजार किसी भी हाल में न लगने पाए। नगर निगम और प्रशासन ने पहले से ही पूरी तैयारी कर रखी थी, जिसके चलते अवैध बाजार को सफलतापूर्वक रोका गया।
क्षेत्रीय पार्षद राजीव शर्मा ने धरना स्थल पर व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि दोपहर के बाद भी पैठ बाजार लगाने की कोशिश की गई तो इस प्रदर्शन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। वहीं अरुण मित्तल ने कहा कि यह बाजार अब घरों के बाहर तक लगने लगा है, जिससे आमजन और व्यापारी दोनों परेशान हैं, इसलिए इसका पूर्ण रूप से विरोध किया जाएगा।
हाजी चमन और इमरान रिज़वान ने रखी अपनी बात
धरने में गंदे नाले क्षेत्र के निवासी एवं मुस्लिम समाज के लोग भी शामिल हुए। हाजी चमन भाई और इमरान रिज़वान भाई ने कहा कि पैठ बाजार के कारण न तो वे अपने घरों से निकल पाते हैं और न ही उनके बच्चे रविवार को कहीं जा पाते हैं। इससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
माहौल बिगाड़ने की कोशिश नाकाम
धरने के दौरान अवैध पैठ बाजार से जुड़े एक समूह ने एक महिला को आगे कर विवादित शब्दों का प्रयोग करते हुए माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। हालांकि वरिष्ठ व्यापारियों की सूझबूझ और संयम से स्थिति को तुरंत शांत करा लिया गया। सुभाष बजरंगी द्वारा तत्काल प्रशासन को सूचना दी गई, जिसके बाद महिला पुलिस को मौके पर बुलाया गया और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
धरने में सुभाष छाबड़ा, मनवीर नागर, अनिल सांवरिया, सुरेश महाजन, संजीव लोहारिया, हरि मेहता, धर्मपाल कुकरेजा, दिनेश सिसोदिया, सुभाष बजरंगी, राजेंद्र तनेजा, पप्पू लाहोरिया, अनुराग गर्ग, सोशल इंफ्लुएंसर सुनील चाचा, उदयवीर लाडी, आकाश कटियार, प्रवीण शर्मा, संजीव वाल्मीकि, सचिन हिंदू, नरेश प्रधान, वेद प्रकाश (खादी वाले), ब्रजेश, पार्षद प्रवीण कुमार मुलायम, कौशिक, विजय कक्कड़, दीपक कक्कड़, दीपक पाल, सुमित गोयल, पवन महाजन, तिलक महाजन, कमल बत्रा, नवल, महेश, अंकुश अरोड़ा, लव पंडित, हिमांशु अरोड़ा, अतुल, पंकज छाबड़ा, संजीव भूषण सुरी, रजत नागपाल सहित चोपला बाजार, दिल्ली गेट, गंज, गुड मंडी, अनाज मंडी, गोल मार्केट, सब्जी मंडी, पुरानी मुसाफ़िर और नवयुग मार्केट के सैकड़ों व्यापारी उपस्थित रहे।
रविंद्र आर्य
- विश्लेषणात्मक पत्रकार, लेखक और भारतीय लोकसंस्कृति के संवाहक हैं।





