📅 Tuesday, 29 September 2026 | 04:44 AM IST
लाइव सेंसेक्स: 72,771.72 ▼ -1,124.02 (-1.52%) • निफ्टी 50: 22,780.25 ▼ -360.25 (-1.56%) • 🪙 सोना 24K (10g): ₹147,540 • 🥈 चांदी (1kg): ₹229,300 • ☀️ उज्जैन: 21°C (साफ आसमान)
दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- चुनावी घोषणापत्र के वादे भ्रष्ट आचरण का हिस्सा नहीं

📅 28 May 2024, 06:15 AM • ✍️ paliwalwani • ⏱️ 3 मिनट में पढ़ें
शेयर करें:
WhatsApp Facebook Twitter Telegram Instagram
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- चुनावी घोषणापत्र के वादे भ्रष्ट आचरण का हिस्सा नहीं
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- चुनावी घोषणापत्र के वादे भ्रष्ट आचरण का हिस्सा नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चुनावी घोषणापत्र के वादों को चुनाव के नियमों के अनुसार भ्रष्टाचार की श्रेणी में नहीं शामिल किया जा सकता है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और केवी विश्वनाथन की बेंच ने कर्नाटक के चमराजपेट लोकसभा क्षेत्र के एक मतदाता की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया। याचिका में कहा गया था कि 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जनता को आर्थिक लाभ पहुंचाने का वादा किया था और यह भ्रष्ट आचरण का हिस्सा है।

सुप्रीम कोर्ट के बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा "याचिकाकर्ता का कहना है कि किसी राजनीतिक दल के उम्मीदवार का अपने घोषणापत्र में जनता को बड़े स्तर पर आर्थिक लाभ पहुंचाने की बात करना भ्रष्ट आचरण का हिस्सा है। यह मामले को बहुत खींचने वाली बात है और स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों में हमें विस्तार से जाकर चर्चा करनी होती है। इस वजह से याचिका खारिज की जाती है।"

शशांक ने लगाई थी याचिका

शशांक श्रीधर नाम के एक मतदाता ने कांग्रेस विधायक जमीर अहमद खान के खिलाफ याचिका लगाई थी। इसमें उसने कहा था कि कांग्रेस के घोषणापत्र की पांच बातें भ्रष्ट आचरण का हिस्सा हैं। अदालत ने कहा कि लोकप्रतिनिधि नियम की धारा 123 के तहत अगर कोई पार्टी यह बताती है कि सत्ता में आने पर वह क्या योजनाएं चलाएगी और लोगों को इससे कैसे फायदा होगा तो यह भ्रष्ट आचरण नहीं है। कांग्रेस के सभी पांच वादे समाजिक हित की योजनाएं थीं। वह आर्थिक रूप से लाभ पहुंचाएं या नहीं।

भ्रष्ट आचरण नहीं कह सकते- कोर्ट

अगर दूसरी पार्टियां यह साबित करती हैं कि इन योजनाओं को लागू करने से राज्य दिवालिया हो जाएगा। तब यह राज्य सरकार की विफलता मानी जाएगी। इस स्थिति में इन्हें गलत योजना कहा जा सकता है, लेकिन इस स्थिति में भी इन्हें भ्रष्ट आचरण की संज्ञा नहीं दी जा सकती है।

📲

पालीवाल वाणी WhatsApp चैनल से जुड़ें

ताज़ा ब्रेकिंग न्यूज़ और समाज के सभी समाचार सबसे पहले अपने फोन पर पाएं।

चैनल से जुड़ें →

संबंधित खबरें

सभी देखें →
WhatsApp हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें