मध्य प्रदेश
देवास जिले में पहली बार हुई पित्त कैंसर की जटिल 'PTBD' प्रक्रिया
paliwalwani
देवास में परक्यूटेनियस ट्रांसहेपेटिक बिलियरी ड्रेनेज
देवास. चिकित्सा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहे देवास जिले के अमलतास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के कैंसर रोग विभाग ने जिले में पहली बार पित्त की नली के अवरोध को दूर करने वाली आधुनिक विधि 'परक्यूटेनियस ट्रांसहेपेटिक बिलियरी ड्रेनेज' (PTBD) को सफलतापूर्वक शुरू किया है।
यह एक उन्नत चिकित्सा पद्धति है जिसमें पित्त नलिका में आए अवरोधों (Blockage) को दूर किया जाता है। इसमें त्वचा के माध्यम से यकृत (Liver) में एक पतली ट्यूब (कैथेटर) डाली जाती है, जिससे पित्त का निकास सुचारू रूप से हो सके। यह प्रक्रिया पित्त के कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होती है।
हाल ही में मरीज सुगन बाई पित्त के कैंसर की आशंका और अत्यधिक बढ़े हुए 'बिलुरुबिन' स्तर के साथ कई अस्पतालों में भटकने के बाद अमलतास पहुँची थीं। निजी अस्पतालों में इस जटिल प्रोसीजर का खर्च लगभग 60 से 70 हजार रुपये आता है, लेकिन अमलतास अस्पताल में आयुष्मान योजना के अंतर्गत इस प्रक्रिया को पूर्णतः निःशुल्क संपन्न किया गया।
इस सफल प्रोसीजर को अमलतास के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने अंजाम दिया, जिनमें मुख्य रूप से डॉ. डॉ अमेय नारखेडे, डॉ. अकबर अली साबिर, डॉ. विजय बेरागी शामिल थे।
इन चिकित्सकों के साझा प्रयासों से मरीज को अब बीमारी से राहत मिली अमलतास वेलफेयर सोसायटी के चेयरमैन द्वारा बताया गया कि भविष्य में भी आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए यह आधुनिक जाँच और उपचार सुविधा निःशुल्क उपलब्ध रहेगी। अमलतास कैंसर विभाग का लक्ष्य कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लोगों को निजात दिलाना है। PTBD सुविधा शुरू होने से अब जिले के मरीजों को बड़े शहरों या महंगे निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।





