Saturday, 21 February 2026

इंदौर

मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज टिप्पणी विवाद पर जैन समाज में आक्रोश और आंदोलन की चेतावनी

राजेश जैन दद्दू
मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज टिप्पणी विवाद पर जैन समाज में आक्रोश और आंदोलन की चेतावनी
मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज टिप्पणी विवाद पर जैन समाज में आक्रोश और आंदोलन की चेतावनी

मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज टिप्पणी विवाद: जैन समाज में उबाल

राजेश जैन दद्दू

इंदौर. मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज टिप्पणी विवाद पर जैन समाज में देशव्यापी आक्रोश, आईजा की चेतावनी, अशोकनगर पुलिस की सख्त कार्रवाई और केंद्र से कानून की मांग.

मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज टिप्पणी विवाद ने पूरे देश में जैन समाज को झकझोर कर रख दिया है, सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हुईं, बल्कि सामाजिक सौहार्द पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया. इस पूरे घटनाक्रम में प्रशासन, समाज और संगठनों की भूमिका चर्चा में है.

क्या है मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज टिप्पणी विवाद

राष्ट्रीय संत मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज पर सोशल मीडिया के माध्यम से की गई अशोभनीय टिप्पणी ने विवाद को जन्म दिया. यह टिप्पणी केवल एक व्यक्ति विशेष पर नहीं, बल्कि जैन धर्म, उसकी परंपराओं और लाखों अनुयायियों की आस्था पर सीधा प्रहार मानी जा रही है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए अशोकनगर सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 299, 352 और 353(2) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया. यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज टिप्पणी विवाद को प्रशासन ने हल्के में नहीं लिया.

देशभर में जैन समाज ने इस घटना को लेकर रोष व्यक्त किया है. विभिन्न राज्यों में बैठकें, ज्ञापन और चेतावनियां सामने आईं. समाज का कहना है कि यदि भविष्य में ऐसी कोई टिप्पणी दोहराई गई, तो आंदोलन व्यापक रूप ले सकता है. ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय मंच पर उठाया.

आईजा ने नरेन्द्र मोदी और अमित शाह को पत्र लिखकर मांग की कि राष्ट्रीय संतों के सम्मान की रक्षा के लिए विशेष कानून बनाया जाए. आईजा का स्पष्ट मत है कि मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज टिप्पणी विवाद केवल एक समाज का मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सांस्कृतिक सम्मान का प्रश्न है.

सोशल मीडिया और धार्मिक मर्यादा

विशेषज्ञ मानते हैं कि मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज टिप्पणी विवाद सोशल मीडिया पर बढ़ती असंवेदनशीलता का परिणाम है, डिजिटल स्वतंत्रता के साथ-साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है. धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषयों पर टिप्पणी करते समय मर्यादा का पालन अनिवार्य होना चाहिए.

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